“यह ताकत का प्रदर्शन नहीं है। यह कर्नाटक की आवाज है जहां अन्याय हुआ है।’’

उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बुधवार को कहा कि टैक्‍स हस्तांतरण और सहायता अनुदान में केंद्र द्वारा राज्य के साथ “अन्याय” का आरोप लगाते हुए कर्नाटक कांग्रेस सरकार का दिल्ली में विरोध प्रदर्शन शक्ति प्रदर्शन नहीं था, बल्कि राज्य के लोगों की आवाज थी।

शिवकुमार, जो राज्य कांग्रेस अध्यक्ष भी हैं। उन्‍होंने कहा कि अगर चीजें इसी तरह जारी रहीं और केंद्र सरकार चिंताओं का समाधान नहीं करती है तो उनकी पार्टी इससे लड़ेगी और इस मुद्दे को कर्नाटक की सड़कों पर ले जाएगी।

पीटीआई के हवाले से हिन्दुस्तान टाईम्स में छपी रिपोर्ट के अनुसार,सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली सरकार के मंत्रियों सहित कर्नाटक के कांग्रेस विधायकों और सांसदों ने बुधवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया और मांग की कि 15वें वित्त आयोग के तहत पांच वर्षों के दौरान केंद्र सरकार राज्य को कथित तौर पर हुए ₹1,87,000 करोड़ के नुकसान की भरपाई करे।

एक सवाल कि क्या यह विरोध शक्ति प्रदर्शन था शिवकुमार ने कहा “यह ताकत का प्रदर्शन नहीं है। आप देखिए, कर्नाटक के लोग अपनी ताकत नहीं दिखाना चाहते। यह कर्नाटक की आवाज है, जहां अन्याय हुआ है। 7 करोड़ लोग, वे हर दिन टैक्स दे रहे हैं, हमें केवल 13 प्रतिशत मिल रहा है, हम अपना हिस्सा चाहते हैं।”

राष्ट्रीय राजधानी में पीटीआई वीडियो से बात करते हुए उन्होंने कहा, ”सिर्फ जीएसटी में ही नहीं, हर चीज में राज्य की हिस्सेदारी सही नहीं है.” अपर भद्रा सहित राष्ट्रीय स्तर पर घोषित की गई कई परियोजनाओं पर कथित तौर पर केंद्र से धन नहीं मिलने पर शिवकुमार ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, जो राज्य से राज्यसभा में भी हैं, उनको इसका जवाब देना होगा।

“कुछ भी नहीं दिया गया है…वित्त आयोग ने कहा था कि ₹6,000 करोड़ दिए जाने हैं (बेंगलुरु में जल निकायों और परिधीय रिंग रोड के विकास के लिए), वह भी नहीं दिया गया है, निर्मला सीतारमण क्या कर रही थीं? ” उन्‍होंने पूछा। संसद में वित्तमंत्री के उस बयान के बारे में पूछे जाने पर कि कर्नाटक सरकार गारंटी पर पैसा खर्च कर रही है और अब उसके पास प्रशासन चलाने के लिए कोई धन नहीं बचा है, उन्होंने कहा, “गारंटी और यह मुद्दा अलग है, उन्हें (केंद्र) हमारा पैसा देने दीजिए, कर्नाटक के लोगों की इच्छा के अनुसार हम जो भी चाहते हैं, हम करेंगे।”

जब उनसे पूछा गया कि अगर चीजें इसी तरह जारी रहीं तो अगली कार्रवाई क्या होगी, शिवकुमार ने कहा, “हम इससे लड़ेंगे, हम इसे कर्नाटक की सड़कों पर ले जाएंगे।” उन्होंने कहा, ”उन्हें (भाजपा) जो कहना है कहने दो, हम न्याय के लिए लड़ना चाहते हैं, हम अपना हिस्सा चाहते हैं, हम चाहते हैं कि कर्नाटक के लोगों का पेट भरे।” उन्होंने भाजपा के इन आरोपों को खारिज कर दिया कि विरोध प्रदर्शन, संसद चुनाव नजदीक हैं इसलिए यह कांग्रेस की राजनीतिक चाल थी।

यह पूछे जाने पर कि क्या कर्नाटक कांग्रेस भाजपा के खिलाफ एक नया नैरेटिव स्थापित करने की कोशिश कर रही है, उपमुख्‍यमंत्री ने कहा, “यह तथ्य है… हम लोगों को सूचित करने की कोशिश कर रहे हैं, हम लोगों को शिक्षित करना चाहते हैं और उन्हें न्याय दिलाना चाहते हैं।” अपने भाई और बेंगलुरु ग्रामीण से कांग्रेस सांसद डी के सुरेश की “अलग राष्ट्र” वाली टिप्पणी पर एक सवाल का जवाब देते हुए, जिसके कारण “विवाद” हुआ, शिवकुमार ने कहा, “कोई विवाद नहीं है, यह एक सच्चाई है। उन्होंने कहा कि लोगों का यह सोचना कि हमें दरकिनार किया जा रहा है, बस इतना ही।”

सुरेश ने पिछले सप्ताह दावा किया था कि दक्षिण से एकत्र टैक्‍स को उत्तर भारत में वितरित किया जा रहा है और उनको उनका उचित हिस्सा नहीं मिल रहा है इस ‘अन्याय’ को ठीक नहीं किया गया तो दक्षिणी राज्य एक अलग राष्ट्र की मांग करने के लिए मजबूर होंगे।

Source: News Click