केंद्र की पेट्रोल-डीजल कीमतों में बढ़ोतरी पर सीएम का विरोध
कीमतों में बढ़ोतरी से आम जनता की जिंदगी अस्त-व्यस्त होगी – मुख्यमंत्री सिद्धारमैया
ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी पर सीएम का गुस्सा
कीमत वृद्धि का फैसला वापस लेने की केंद्र से मांग
गैस और पेट्रोल की बढ़ी कीमतों से जनजीवन प्रभावित
नीट परीक्षा संचालन में केंद्र सरकार विफल
बेंगलुरु: केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी किए जाने पर राज्य सरकार ने कड़ी आपत्ति जताई है। मुख्यमंत्री Siddaramaiah ने इस फैसले की निंदा करते हुए केंद्र सरकार से बढ़ी हुई कीमतों को तुरंत वापस लेने की मांग की है।
बेंगलुरु में मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न राज्यों के विधानसभा चुनावों के बाद केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ाने की आशंका थी और अब वही हुआ है। उन्होंने कहा कि इस कीमत वृद्धि का सबसे अधिक असर मजदूरों, किसानों और गरीब वर्ग पर पड़ेगा।
कीमत बढ़ोतरी का फैसला वापस लेने की मांग
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के कार्यकाल में कई बार पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस फैसले का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा और राज्य सरकार इस निर्णय की निंदा करते हुए इसे वापस लेने की मांग करती है।
महंगाई से रोजमर्रा की वस्तुएं भी होंगी महंगी
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के शासन से पहले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत लगभग 413 रुपये थी, जो अब 1000 रुपये से अधिक हो गई है। उन्होंने कहा कि गैस और ईंधन की कीमतों में वृद्धि से रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतें भी बढ़ेंगी और लोगों का जीवन प्रभावित होगा।
नीट परीक्षा संचालन में केंद्र की विफलता
नीट यूजी परीक्षा के पुनः आयोजन पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार परीक्षा को सही तरीके से आयोजित करने में विफल रही है, जिससे लाखों छात्रों के भविष्य पर असर पड़ा है।
एसआईआर प्रक्रिया पर भी बोले मुख्यमंत्री
राज्य में एसआईआर प्रक्रिया शुरू होने को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा प्रक्रिया शुरू की जा रही है और सरकार आवश्यक तैयारियां कर रही है।

