गाज़ा शांति पहल का भारत समर्थन करता है: प्रधानमंत्री मोदी

► इज़राइल की संसद नेसेट को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री ► मोदी को नेसेट का सर्वोच्च सम्मान प्रदान तेल अवीव, 25 फरवरी: भारत पूरे विश्वास के साथ इज़राइल…

कंबल का कोई धर्म नहीं होता: नफ़रत की राजनीति पर एक सवाल

कंबल का भी कोई धर्म नहीं होता? 23 फ़रवरी 2026 को राजस्थान के टोंक ज़िले के एक गाँव सवाई माधोपुर में घटी एक घटना ने देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था की…

सिनेमा माध्यमों के जरिए दक्षिण भारतीयों पर हमला

सिनेमा के जरिए दक्षिण भारत को निशाना बनाने की कोशिश? अतीत में कुछ हित समूहों ने मीडिया के माध्यम से तथाकथित ‘गुजरात मॉडल’ को व्यापक रूप से प्रचारित किया था।…

“द केरल स्टोरी 2” — सिनेमा या सामाजिक विभाजन की नई बहस?

केरल स्टोरी 2 गोज़ बियॉन्ड सिनेमा या सामाजिक विभाजन का नया अध्याय? भारतीय सिनेमा इस समय एक ऐसे दोराहे पर खड़ा है जहाँ कला और राजनीति की सीमाएँ धुंधली होती…

औरत और रमज़ान — ईसार, ख़िदमत और मोहब्बत की ख़ामोश दास्तान

औरत और रमज़ान: ईसार की अनकही दास्तान रमज़ान की ठंडी सहर हो या तपती दोपहर की गर्मी, जब घर वाले गहरी नींद में होते हैं, तब एक औरत अल्लाह की…

एक चाँद, बंटी हुई उम्माह — चाँद से पहले सोच की रोशनी ज़रूरी है।

चाँद… आधा इधर, आधा उधर रमज़ान का चाँद हमेशा रहमत, बरकत और आध्यात्मिकता का संदेश लेकर आता है। मगर अफसोस की बात है कि हमारे समाज में यह चाँद इबादत…

चुनाव से पहले असम में पहचान और नफरत की राजनीति का काला चेहरा

आसाम में घृणित राजनीति का शर्मनाक पहलू देश में वोट बटोरने के लिए धर्म के नाम पर विभाजनकारी राजनीतिक खेल खेले जा रहे हैं। भाजपा में जो नेता जितना अधिक…