जब धार्मिक पहचान निशाना बन जाए

सेकन खान का कत्ल, मजहबी पहचान और नफ़रत की सियासत का सवाल मुसलमान होना क्या जुर्म हो गया? सेकन खान की हत्या और पहचान की सियासत का सवाल राजस्थान में…

भारत में हिंदू तहज़ीबी वर्चस्व और राष्ट्रीय पहचान पर सवाल

संविधान, हिंदू-मुस्लिम रिश्ते और भारतीय मुसलमानों के राष्ट्रीय नैरेटिव पर चर्चा भारत की पहचान, धर्मनिरपेक्षता, हिंदू-मुस्लिम रिश्तों और हिंदू राष्ट्रवाद को लेकर देश में लंबे समय से बहस जारी है।…

मोबाइल फोन: सहूलियत से जरूरत तक, मगर वक्त के ज़ाया होने से बचाव ज़रूरी

तालीम, काम और संपर्क के साथ मनोरंजन के इस्तेमाल में एतदाल; बच्चों के स्क्रीन टाइम और फैमिली टाइम पर खास तवज्जो की जरूरत   आज के आधुनिक दौर में मोबाइल…

अपनी ज़िंदगी में भी हो औरत का अपना मुकाम

औरत सबके लिए जीती रहे, मगर खुद को न भूले अपनी इज़्ज़त, ज़ेहनी सुकून और अपने ख़्वाबों को ज़िंदा रखना भी ज़िंदगी की अहम ज़रूरत है।   औरत की ज़िंदगी…

मुस्लिम लीडरशिप और एहतजाज की सियासत

मुसलमानों के हक़ और एहतजाज की रणनीति तहरीकें इजाज़त से नहीं, अज़्म से आगे बढ़ती हैं एहतजाज के हक़ पर इजाज़त की शर्त, मुस्लिम तंजीमों की रणनीति और क़यादत की…

बिखरते परिवार, कमजोर होते रिश्ते… आखिर क्यों टूट रहे हैं हमारे रिश्ते?

एक वक्त था जब घर सिर्फ रहने की जगह नहीं, बल्कि मोहब्बत, शफकत, हिफाज़त और अपनापन का नाम हुआ करता था। संयुक्त परिवारों में दादा-दादी, ताऊ-ताई, चाचा-चाची और बच्चे… सब…

मुस्लिम पहचान मिटाने की कोशिश? — मुस्लिम धार्मिक स्थलों और क़यादत का संकट

बुलडोज़र के दौर में मुसलमान कहाँ खड़ा है? मसाजिद और धार्मिक विरासत के तहफ़्फ़ुज़ से लेकर क़यादत के मुहासबे तक, उम्मत को नई बसीरत और हिकमत-ए-अमली की ज़रूरत बाबरी मस्जिद…

उस्ताद : शख्सियत-साज़ी से क़ौम-साज़ी तक

क़ौमों की तक़दीर किताबों से नहीं, तरबियतयाफ़्ता इंसानों से बदलती है इंसानी तहज़ीब की तारीख़ पर नज़र डालें तो मालूम होता है कि क़ौमों की तामीर सिर्फ़ इमारतों, सड़कों और…

मस्जिदों को लाइब्रेरी और स्टडी सेंटर बनाने की जरूरत

मस्जिद के खामोश कोनों में इल्म के चिराग रोशन हों इबादत के साथ मुतालआ और तर्बियत की रिवायत को जिंदा करने की जरूरत   इक्कीसवीं सदी के पहले पच्चीस साल…

भारत की जंग-ए-आज़ादी में मुस्लिम महिलाओं का क़ायदाना किरदार

अज़्म, क़ुर्बानी और वतनपरस्ती से लिखी गई जद्दोजहद की दास्तान वतन की आज़ादी के सफ़र में मुस्लिम महिलाओं के क़दम “वतन के इश्क़ में जीना, वतन के इश्क़ में मरना,…