मुस्लिम लीडरशिप और एहतजाज की सियासत
मुसलमानों के हक़ और एहतजाज की रणनीति तहरीकें इजाज़त से नहीं, अज़्म से आगे बढ़ती हैं एहतजाज के हक़ पर इजाज़त की शर्त, मुस्लिम तंजीमों की रणनीति और क़यादत की…
मुसलमानों के हक़ और एहतजाज की रणनीति तहरीकें इजाज़त से नहीं, अज़्म से आगे बढ़ती हैं एहतजाज के हक़ पर इजाज़त की शर्त, मुस्लिम तंजीमों की रणनीति और क़यादत की…
एक वक्त था जब घर सिर्फ रहने की जगह नहीं, बल्कि मोहब्बत, शफकत, हिफाज़त और अपनापन का नाम हुआ करता था। संयुक्त परिवारों में दादा-दादी, ताऊ-ताई, चाचा-चाची और बच्चे… सब…
बुलडोज़र के दौर में मुसलमान कहाँ खड़ा है? मसाजिद और धार्मिक विरासत के तहफ़्फ़ुज़ से लेकर क़यादत के मुहासबे तक, उम्मत को नई बसीरत और हिकमत-ए-अमली की ज़रूरत बाबरी मस्जिद…
क़ौमों की तक़दीर किताबों से नहीं, तरबियतयाफ़्ता इंसानों से बदलती है इंसानी तहज़ीब की तारीख़ पर नज़र डालें तो मालूम होता है कि क़ौमों की तामीर सिर्फ़ इमारतों, सड़कों और…
मस्जिद के खामोश कोनों में इल्म के चिराग रोशन हों इबादत के साथ मुतालआ और तर्बियत की रिवायत को जिंदा करने की जरूरत इक्कीसवीं सदी के पहले पच्चीस साल…
अज़्म, क़ुर्बानी और वतनपरस्ती से लिखी गई जद्दोजहद की दास्तान वतन की आज़ादी के सफ़र में मुस्लिम महिलाओं के क़दम “वतन के इश्क़ में जीना, वतन के इश्क़ में मरना,…
तूफानों के बीच उम्मीद का चराग बुझने न देने की दावत ज़िंदगी में कुछ ऐसे दौर भी आते हैं, जब इंसान जीतने के ख्वाब नहीं देखता, बल्कि सिर्फ़ इतनी…
ज़ुल्मी सरकार और कॉकरोच जनता: जब एक तंज़ युवाओं की आवाज़ बन गया लोकतंत्र में सरकार जनता के वोट से बनती है और जनता की ख़िदमत के लिए वजूद में…
सच, इंसाफ़ और इंसानियत की आवाज़ कौन बनेगा? क़लम! ऐ मेरे ख़ामोश मगर हमराज़ रफ़ीक़! आज मैं तुझसे मुख़ातिब हूँ, इस उम्मीद के साथ कि तू मेरी बेआवाज़ कैफ़ियत को…
क़ानून की आड़ में मसाजिद, मदरसों और मुस्लिम इदारों के खिलाफ कार्रवाई पर बहस तेज़ उत्तर प्रदेश के रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की 38 इमारतों पर संभावित…