बेलगावी: खानापुर तालुका को सूखाग्रस्त घोषित कर किसानों को तुरंत आर्थिक मदद दी जाए और किसानों की विभिन्न लंबित मांगों को पूरा किया जाए। इस मांग को लेकर अखिल कर्नाटक किसान संघ, बेंगलुरु के राज्य उपाध्यक्ष किशोर मिठारी के नेतृत्व में किसान नेताओं ने बेलगावी जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि खानापुर तालुका से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर स्थित अलनावर और कित्तूर समेत कई तालुकों को सूखाग्रस्त घोषित किया गया है, लेकिन खानापुर को इससे बाहर रखा गया है। इससे सरकार द्वारा किसानों के साथ भेदभाव किए जाने का आरोप लगाया गया।
ज्ञापन में खानापुर तालुका को सूखाग्रस्त घोषित कर प्रति एकड़ ₹25 हजार मुआवज़ा देने, गन्ने का भाव ₹6 हजार प्रति टन तय करने, किसानों का पूर्ण कर्ज माफ करने और कृषि उत्पादों के लिए स्थायी न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) तय करने की मांग की गई।
इसके अलावा मलप्रभा नदी पर बांध बनाकर सिंचाई और पीने के पानी की व्यवस्था करने की भी मांग रखी गई। किसानों ने बिजली वितरण के निजीकरण को रोकने और किसानों को रोजाना 7 घंटे थ्री-फेज बिजली उपलब्ध कराने की मांग की।
खानापुर तालुका की करीब 830 किलोमीटर खराब सड़कों की तत्काल मरम्मत करने तथा गृहलक्ष्मी, विधवा, दिव्यांग और वृद्धावस्था पेंशन समेत विभिन्न सरकारी योजनाओं की लंबित राशि तुरंत लाभार्थियों के खातों में जमा करने की मांग भी की गई। साथ ही डॉ. एम. एस. स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने की मांग उठाई गई।
इस मौके पर किशोर मिठारी ने कहा कि खानापुर तालुका में फसलों की स्थिति और सूखे की गंभीरता को सरकार के संज्ञान में लाया गया है। अगले आठ दिनों के भीतर खानापुर को सूखाग्रस्त घोषित नहीं किया गया तो 8 अक्टूबर को लिंगनमठ क्रॉस पर रामनगर–धारवाड़ और बेलगावी–तालगुप्पा राज्य राजमार्गों पर किसानों के साथ दिन-रात धरना सत्याग्रह किया जाएगा, ऐसी चेतावनी उन्होंने दी।
जिलाधिकारी, क्षेत्रीय आयुक्त, पुलिस अधीक्षक और आईजीपी के माध्यम से कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार को भी ज्ञापन भेजा गया।
इस अवसर पर पूर्व ग्राम पंचायत सदस्य अश्फाक अहमद पटेल, दयानंद गुपित, गोपाल वीरापुर, लक्ष्मण चन्नापुर, कुतुबुद्दीन शेख, बिष्टप्पा सुंबली, सेबास्टिन सोज, गोपाल अगसिमनी, अंतोन सोज, पाउल फर्नांडिस समेत किसान और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

