‘शरीर में 200 से ज्यादा पैलेट’: एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर थाने के बाहर धरने पर बैठे राहुल गांधी

20 जुलाई को नई दिल्ली में हुए संसद मार्च के दौरान पैलेट गन के इस्तेमाल के मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर लोकसभा में विपक्ष के नेता…

इल्म की ज़ीनत तवाज़ो है, इंसानियत की ज़ीनत दर्द-ए-दिल

इल्म इंसान को बड़ा बनाए तो कमाल है, लेकिन अगर उसे मगरूर बना दे तो यही इल्म ज़वाल का सबब बन जाता है।   इल्म इंसान को सिर्फ यह नहीं…

तिरछी नज़र: संस्कार विहीन जेन ज़ी और संस्कारवान कांवड़िए

सरकारें इनसे ख़ुश रहती हैं। ख़ुश रहती हैं क्योंकि ये महंगाई पर सवाल नहीं उठा रहे होते हैं, ये बेरोज़गारी पर बात नहीं कर रहे होते हैं। इनको शिक्षा से…

सरकार अरुणाचल में चीनी गतिविधियों की ख़बरों को दबाने की कोशिश कर रही है: राहुल गांधी

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने गुरुवार को एक कार्यक्रम में बोलते हुए कहा कि अरुणाचल प्रदेश में भारतीय सुरक्षाबलों को चीन द्वारा कथित तौर पर…

भारत की जंग-ए-आज़ादी में मुस्लिम महिलाओं का क़ायदाना किरदार

अज़्म, क़ुर्बानी और वतनपरस्ती से लिखी गई जद्दोजहद की दास्तान वतन की आज़ादी के सफ़र में मुस्लिम महिलाओं के क़दम “वतन के इश्क़ में जीना, वतन के इश्क़ में मरना,…

भारत की आज़ादी की जंग में मुसलमानों का ऐतिहासिक किरदार

मैदान-ए-जंग से सहाफ़त, तालीम और क़ौमी सियासत तक एक रोशन सफ़र भारत की आज़ादी की जंग किसी एक मज़हब, जाति, ज़बान या तबक़े तक महदूद नहीं थी। अंग्रेज़ी हुकूमत के…

आज़ादी: जश्न से आगे की एक हक़ीक़त

आज़ादी सिर्फ़ एक दिन का जश्न नहीं, बल्कि शऊर, इंसाफ़ और ज़िम्मेदारी का लगातार अहद है हर साल जब यौम-ए-आज़ादी आता है तो पूरा मुल्क जश्न के रंग में डूब…

मोदी-शाह का ‘गुड कॉप-बैड कॉप’ खेल अब बेअसर

प्रधानमंत्री की छवि बचाने के लिए ख़ुद नरेंद्र मोदी, अमित शाह और अब आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत अलग-अलग भूमिकाओं में दिखाई दे रहे हैं. भागवत का खुद को निष्पक्ष दिखाना…

आरएसएस के पूर्व कार्यकर्ता ने की संघ, विहिप और बजरंग दल को आतंकवादी संगठन घोषित करने की मांग

आरएसएस के एक पूर्व प्रचारक यशवंत सहदेव शिंदे ने कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियंक खरगे और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लिखे पत्र में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, आरएसएस…

इतिहास मिटाने से इतिहास नहीं बदलता

क्या राजनीतिक फायदे के लिए राष्ट्रीय विरासत को नजरअंदाज करना सही है?   देश में असहिष्णुता, राजनीतिक बदले की भावना और इतिहास को अपने-अपने राजनीतिक फायदे के हिसाब से देखने…

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