Karnataka SIR: 2 विधानसभा क्षेत्रों में 3,750 से ज्यादा वोटरों के नाम हटाने की अर्जियां, ज़्यादातर नाम मुस्लिमों के; रिपोर्ट

कर्नाटक में मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) के दौरान ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से बड़ी तादाद में वोटरों के नाम हटाने की कोशिशों का मामला सामने आया है। राज्य…

ज्ञानेश कुमार कैसे बने ‘वन-मैन इलेक्शन कमीशन’

पूर्व चुनाव आयुक्त अरुण गोयल के अचानक इस्तीफ़े के बाद आम चुनाव का कार्यक्रम घोषित होने से कुछ दिन पहले ही मार्च 2024 में ज्ञानेश कुमार को चुनाव आयुक्त नियुक्त…

ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों से दिल्ली पुलिस की बदसलूकी, कई हिरासत में

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर 25 सितंबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे कई छात्रों और नागरिकों को पुलिस ने हिरासत में…

“क्या हुआ तेरा वादा?” — महंगाई को लेकर कांग्रेस का पीएम मोदी पर तंज

नई दिल्ली: खाद्य वस्तुओं की बढ़ती कीमतों को लेकर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने महंगाई के मुद्दे पर केंद्र सरकार की खामोशी पर सवाल…

नरेंद्र मोदी का जन्मदिन: भाजपा का कार्यक्रम कैसे बन गया सरकारों का ज़िम्मा?

17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर भाजपा की ‘आशीर्वाद का दीया’ अपील कई राज्यों में सरकारी कार्यक्रमों का हिस्सा बन गई. सरकारी स्कूलों, शिक्षकों, प्रशासनिक अधिकारियों और…

अमेरिकी सदन में रूस पर प्रतिबंध लगाने वाला बिल पारित, भारत पर 100% तक टैरिफ लगाने का है प्रस्ताव

अमेरिकी सदन ने रूस की अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण हिस्सों को प्रतिबंध लगाने वाला बिल पास किया है जिसका मकसद राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को यूक्रेन के ख़िलाफ़ युद्ध लड़ने के लिए…

₹2,000 से ज्यादा के UPI ट्रांजैक्शन पर 0.5% चार्ज? कांग्रेस का केंद्र पर आरोप

नई दिल्ली: UPI के जरिए किए जाने वाले ₹2,000 से ज्यादा के हर ट्रांजैक्शन पर 0.5 प्रतिशत चार्ज लगाने की तैयारी केंद्र सरकार कर रही है, ऐसा कांग्रेस ने इल्ज़ाम…

क्या भारतीय लोकतंत्र अपना संतुलन खो रहा है?

जम्हूरियत का मुस्तक़बिल, पार्लियामेंट का किरदार अगर पार्लियामेंट ख़ामोश हो जाए, तो जम्हूरियत कितनी मज़बूत रह सकती है? इख़्तियार, एहतेसाब और आइनी तवाज़ुन का बदलता मंज़रनामा “भारत अब जम्हूरियत नहीं…

मोदी से राहुल तक: “एक अकेला” की बदलती सियासी कहानी

भारतीय सियासत की सबसे बड़ी हक़ीक़त शायद यही है कि यहां कोई भी लफ़्ज़ हमेशा एक ही मायने नहीं रखता। इख़्तियार (सत्ता) के दौर में बोले गए जुमले वक्त के…