Belagavi City Corporation ने 2026–27 के लिए ₹92.3 लाख का अधिशेष बजट पेश किया
बुधवार को बेलगावी सिटी कॉरपोरेशन ने वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए ₹92.3 लाख के अधिशेष (सरप्लस) के साथ बजट प्रस्तुत किया।
कॉरपोरेशन ने ₹442.54 करोड़ की कुल आय के मुकाबले ₹441.62 करोड़ के कुल व्यय का अनुमान लगाया है, जिससे कागजों पर मामूली अधिशेष दर्शाया गया है।
बजट को स्थायी समिति (कराधान, वित्त एवं अपील) की अध्यक्ष रेखा मोहन हुगर ने महापौर की उपस्थिति में पेश किया।
💰 आय के प्रमुख स्रोत
कॉरपोरेशन की आय का मुख्य आधार संपत्ति से जुड़े कर एवं शुल्क बने हुए हैं:
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₹85 करोड़ – संपत्ति कर
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₹7.55 करोड़ – संपत्ति हस्तांतरण शुल्क व दंड
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₹9.89 करोड़ – भवन अनुमति एवं विकास शुल्क
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₹11 करोड़ – खाली भूखंडों की बिक्री
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₹9.75 करोड़ – ठोस अपशिष्ट प्रबंधन शुल्क
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₹4 करोड़ – व्यापार लाइसेंस शुल्क
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₹5 करोड़ – नए यूजीडी (अंडरग्राउंड ड्रेनेज) कनेक्शन
अनुदान (ग्रांट) भी आय का बड़ा हिस्सा हैं:
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₹13.30 करोड़ – राज्य वित्त आयोग (SFC) अनुदान व वेतन मद
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₹62.64 करोड़ – विद्युत बिल अनुदान
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₹21 करोड़ – 16वां वित्त आयोग अनुदान
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₹1.69 करोड़ – भवन ध्वस्तीकरण व अन्य कार्य
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₹1.50 करोड़ – सड़क कटिंग शुल्क
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₹1.30 करोड़ – पंजीकरण अधिभार शुल्क
कुल आय: ₹442 करोड़ 54 लाख 51 हजार
🧹 व्यय का प्रमुख फोकस: स्वच्छता और कचरा प्रबंधन
खर्च का बड़ा हिस्सा सफाई और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर केंद्रित है:
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₹38.25 करोड़ – शहर स्वच्छता ठेका
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₹11 करोड़ – प्रत्यक्ष भर्ती सफाई कर्मचारियों का वेतन
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₹2 करोड़ – सफाई कर्मचारियों का नाश्ता/भत्ता
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₹4 करोड़ – वैज्ञानिक कचरा निपटान
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₹5 करोड़ – ‘CITIIS-2’ स्मार्ट सिटी योजना (SWM उन्नयन)
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₹50 लाख – स्ट्रीट लाइट रखरखाव
आवारा कुत्तों के प्रबंधन के लिए:
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₹2.10 करोड़ – नसबंदी व शेड निर्माण
🏗️ विकास कार्यों के लिए प्रावधान
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₹27 करोड़ – 58 वार्डों में नई सड़कें व सीसी रोड
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₹6.95 करोड़ – सड़कें, नालियां व पैदल मार्ग
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₹2 करोड़ – निगम की खुली जमीनों की सुरक्षा
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₹2 करोड़ – सार्वजनिक शौचालय/यूजीडी निर्माण व मरम्मत
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₹1.35 करोड़ – शहर के उद्यानों का विकास
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₹1 करोड़ – कब्रिस्तान विकास व अंतिम संस्कार व्यवस्था
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₹1.45 करोड़ – ई-ऑफिस व कंप्यूटरीकरण
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₹25 लाख – सार्वजनिक कुओं का विकास व जल आपूर्ति
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₹14.43 लाख – खेल गतिविधियां
कुल व्यय: ₹441 करोड़ 62 लाख 19 हजार
अनुदानों पर निर्भरता बरकरार
हर वर्ष की तरह इस बार भी निगम की आय में अनुदानों की महत्वपूर्ण भूमिका बनी हुई है। हालांकि बजट में अधिशेष दर्शाया गया है, लेकिन वास्तविक चुनौती राजस्व वसूली, स्वच्छता प्रबंधन और बुनियादी ढांचे के प्रभावी क्रियान्वयन की होगी।







