बेलगावी रेलवे स्टेशन पर 54.46 लाख से ज़्यादा मुसाफिरों की आवाजाही, हुब्बली डिवीजन का दूसरा सबसे व्यस्त स्टेशन

बेलगावी: दक्षिण पश्चिम रेलवे के हुब्बली डिवीजन में बेलगावी रेलवे स्टेशन ने एक और अहम मुकाम हासिल किया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 (फ़रवरी 2026 तक) के दौरान बेलगावी रेलवे स्टेशन…

अवैध घुसपैठियों के लिए जन्नत बनाना चाहती है राज्य सरकार: एम.बी. ज़ीरली

केंद्रीय चुनाव आयोग की ओर से चल रही एसआईआर (SIR) प्रक्रिया बेहतर तरीके से आगे बढ़ रही है। लेकिन कर्नाटक सरकार ने बिना किसी कानूनी आधार के स्थायी निवासी (Permanent…

बेलगावी ज़िले के सभी सब-रजिस्ट्रार कार्यालय 12 जुलाई, रविवार को भी रहेंगे खुले, आम जनता के लिए बड़ी राहत!

राज्य सरकार के अहम आदेश के तहत इस सप्ताह आम जनता को बड़ी राहत मिली है। आमतौर पर रविवार को बंद रहने वाले सब-रजिस्ट्रार कार्यालय इस बार नियमित रूप से…

बेलगावी में आज से RSS की अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक तीन दिवसीय बैठक शुरू

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की तीन दिवसीय अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक आज से बेलगावी में शुरू हो गई है। संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले…

सरकार ने माना- ई-20 से कुछ वाहनों के माइलेज में 3 से 5 प्रतिशत तक कमी आ सकती है

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने यह मानते हुए कि इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से वाहनों के माइलेज पर असर पड़ता है, यह कहा है कि इसके फ़ायदे नुकसान से कहीं…

“हमारी भाषा और राज्य से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं” — फडणवीस को प्रियांक खरगे की दो टूक

लगावी सीमा विवाद को लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खरगे ने बेंगलुरु में कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा, “आप…

शहरियत साबित करना क्यों हो रहा है मुश्किल? कई सरकारी दस्तावेज़ भी नहीं माने जा रहे अंतिम सबूत

नई दिल्ली/बेंगलुरु: देश में शहरियत (Citizenship) को लेकर बहस एक बार फिर तेज़ हो गई है। हाल ही में कर्नाटक हाईकोर्ट ने बेंगलुरु में हिरासत में लिए गए अब्दुल रहीम…

2028 में राज्य में फिर कांग्रेस की सरकार बनेगी: CM डी.के. शिवकुमार का दावा

बेलगावी: “मुझे पूरा यक़ीन है कि 2028 में कर्नाटक में एक बार फिर कांग्रेस की सरकार बनेगी। कांग्रेस के हर कार्यकर्ता को भी यही आत्मविश्वास रखना चाहिए,” यह बात मुख्यमंत्री…

बढ़ती ग़रीबी: पूंजीवाद, रोज़गार और इतिहास

आज के समय में पूंजीवाद के रास्ते पर चला जाना अनिवार्य रूप से समग्रता में विश्व अर्थव्यवस्था में शुद्ध ग़रीबी को बढ़ाने का काम करता है। अठारहवीं सदी के उत्तरार्द्ध…

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