हिटलर के राज से भी भयानक न्यायशास्त्र

जर्मन संसद राइखस्टॉग में आगजनी की घटना 1933 में जर्मनी के एक उदारपंथी जनतंत्र से एक फासीवादी तानाशाही में तब्दील किए जाने के सिलसिले में एक महत्वपूर्ण घटना थी। जर्मन…

नौ प्रधानमंत्री, फिर भी उत्तर प्रदेश बेहाल

प्रधानमंत्रियों के निर्वाचन क्षेत्र के निवासी वीआईपी सीट के गुमान में भले जीते रहें, लेकिन इससे उनकी सामाजिक-राजनीतिक चेतना पर कोई फ़र्क पड़ता दिखाई नहीं देता. और न प्रधानमंत्री की…

ईवीएम पर उठते सवाल के बीच सुप्रीम कोर्ट ने बैलेट पेपर की वापसी की मांग ख़ारिज की

शीर्ष अदालत में जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस दीपांकर दत्ता की पीठ एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई कर रही है. मामले की सुनवाई…

विपक्षी दलों ने भाजपा के घोषणा पत्र को ‘जुमला पत्र’ क़रार दिया, कहा- खोखले शब्दों की हेराफेरी

विपक्षी दलों ने भाजपा के घोषणा पत्र को लेकर कहा कि इसका नाम ‘माफ़ीनामा’ रखा जाना चाहिए. भाजपा ने कहा था कि 2022 तक किसानों की आय दोगुनी कर देंगे,…

मोदी सरकार के 10 साल : किसान इतने गुस्‍से में क्‍यों हैं जितना पहले कभी नहीं थे?

भाजपा के चुनावी घोषणापत्र में ‘अन्नदाताओं’ से किए गए वादे, जैसे कि किसानों की आय दोगुनी करना, छोटे, सीमांत किसानों को पेंशन देना, एमएसपी देना आदि सभी वादे पूरे नहीं हुए हैं। नई दिल्ली: पंजाब…

ख़बरों के आगे-पीछे: चुनावी बॉन्ड की नई हैरतअंगेज कहानी

सवाल है कि ऐसी कंपनियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी? क्या इस बात की जांच नहीं होनी चाहिए कि कहीं सिर्फ चंदा देने के लिए तो इन कंपनियों की स्थापना…

जब तक हिंदू सामाजिक व्यवस्था बनी रहेगी, अस्पृश्यों के प्रति भेदभाव भी बना रहेगा: डॉ. आंबेडकर

भेदभाव का मूल हिंदुओं के हृदयों में बसे हुए उस भय में निहित है कि मुक्त समाज में अस्पृश्य अपनी निर्दिष्ट स्थिति से ऊपर उठ जाएंगे और हिंदू सामाजिक व्यवस्था…

आंबेडकर ने हिंदू धर्म क्यों छोड़ा

14 अक्टूबर 1956 को आंबेडकर ने बौद्ध धर्म अपनाया था. वे देवताओं के संजाल को तोड़कर एक ऐसे मुक्त मनुष्य की कल्पना कर रहे थे जो धार्मिक तो हो लेकिन…