नेहरू और मोदी के भाषण में अंतर: एक में भविष्य की बेचैनी, दूसरे में अपनी उपलब्धियों का बखान
1958 में दिल्ली विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में नेहरू के भाषण में परमाणु भौतिकी है, आइंस्टाइन हैं, औद्योगिक क्रांति है, पूंजीवाद और साम्यवाद हैं, सामाजिक न्याय है, भारतीय संस्कृति है…
