केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक बार फिर राहुल गांधी पर एसआईआर के जरिए मतदाता सूची से हटाए गए ‘घुसपैठियों’ को बचाने का आरोप लगाया है. हालांकि, शाह के दावे के उलट, न चुनाव आयोग के पास ऐसे लोगों का अलग से कोई आंकड़ा है और न ही गृह मंत्रालय के पास देश में पहचाने गए अवैध विदेशी नागरिकों का केंद्रीय रिकॉर्ड उपलब्ध है.

 

नई दिल्ली: मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. शाह ने दावा किया है कि एसआईआर के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए तीन करोड़ नाम ऐसे लोगों के थे, जिनका कोई अस्तित्व नहीं था. उन्होंने इन्हें बांग्लादेशी घुसपैठिया बताया.

हालांकि, शाह के इस दावे पर कई सवाल खड़े होते हैं. हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एसआईआर की प्रक्रिया पूरी कर चुके या इससे गुजर रहे छह राज्यों में अब तक करीब 1,600 संदिग्ध विदेशी नागरिकों का पता चला है. इनमें सबसे अधिक 716 कर्नाटक में मिले, जिनमें 545 नेपाली नागरिक थे. हालांकि, यहां ध्यान देना आवश्यक है कि आयोग के पास ऐसे मामलों का कोई संयुक्त आंकड़ा नहीं है.

इसके अलावा, द रिपोर्टर्स कलेक्टिव की जांच में सामने आ चुका है कि चुनाव आयोग के सॉफ्टवेयर में मतदाताओं को विदेशी नागरिक के रूप में चिह्नित करने का कोई विकल्प ही नहीं था. बिहार में 100 से अधिक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) ने आरटीआई के जवाब में इसकी पुष्टि की थी.