बेलगावी में गन्ने का प्रति टन ₹5,500 दाम तय करने की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन तेज हो गया है। मंत्री सतीश जारकीहोली के आवास का घेराव करने पहुंचे किसानों को शांत करते हुए मंत्री ने भरोसा दिलाया कि कल जिलाधिकारी (DC) की अध्यक्षता में गन्ना किसानों और चीनी कारखानों के मालिकों की अहम बैठक बुलाई जाएगी। मंत्री के आश्वासन के बाद किसानों ने फिलहाल अपना आंदोलन स्थगित कर दिया है।

जिले में गन्ने के लिए प्रति टन ₹5,500 नकद बिल और एसआईपी (SIP) के जरिए अतिरिक्त ₹1,000 देने की मांग को लेकर किसानों ने सुबह से ही चीनी संस्थान के कार्यालय को बंद कर आंदोलन शुरू किया था। सड़क रोको, जेल भरो और राष्ट्रीय राजमार्ग जाम करने के बावजूद सरकार और जिला प्रशासन की ओर से कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर नाराज किसानों ने पैदल मार्च करते हुए मंत्री सतीश जारकीहोली के आवास का घेराव किया और धरना दिया।

किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि पिछले दो महीनों से लगातार आंदोलन करने के बावजूद सरकार ने गन्ने के बकाया बिलों को लेकर कोई घोषणा नहीं की है।

किसानों ने सरकार की गारंटी योजनाओं का स्वागत करते हुए मांग की कि किसानों के लिए ‘छठी गारंटी’ के रूप में गन्ने का उचित मूल्य सुनिश्चित किया जाए।

गन्ने की कीमत को लेकर अलग-अलग किसान संगठनों की अलग-अलग मांगों के कारण भ्रम की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में सभी किसान संगठनों को एकजुट होने की जरूरत है। कल जिलाधिकारी की अध्यक्षता में किसान नेताओं और चीनी कारखानों के अध्यक्षों की संयुक्त बैठक बुलाई जाएगी, मंत्री सतीश जारकीहोली ने यह आश्वासन दिया।

मंत्री के हस्तक्षेप और आश्वासन के बाद किसान नेता गणेश और अन्य नेताओं ने धरना अस्थायी रूप से वापस लेने की घोषणा की। हालांकि, किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि कल की DC-स्तरीय बैठक में उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आने वाले दिनों में मंत्रियों और विधायकों के आवासों का घेराव कर और भी उग्र आंदोलन किया जाएगा।