बेलगावी: गणेशोत्सव की तैयारियों के बीच बेलगावी के नए पुलिस कमिश्नर प्रकाश निकम ने तमाम गणेश मंडलों से अपील की है कि वे पुलिस प्रशासन की ओर से तय किए गए रूट, नियम और गाइडलाइन पर सख्ती से अमल करें। उन्होंने कहा कि जुलूस और दूसरे कार्यक्रमों की प्लानिंग पुलिस के साथ तालमेल बनाकर की जाए, ताकि त्योहार का माहौल पूरी तरह शांतिपूर्ण और खुशगवार रहे।
गणेशोत्सव की तैयारियों और सुरक्षा इंतजामात को लेकर विभिन्न गणेश मंडलों के पदाधिकारियों के साथ मार्केट पुलिस स्टेशन में बैठक हुई। बैठक को संबोधित करते हुए कमिश्नर निकम ने कहा कि पुलिस का मकसद त्योहार के जोश को कम करना नहीं है, बल्कि जरूरी एहतियात और नियमों के साथ लोगों को खुशी से त्योहार मनाने का मौका देना है।
उन्होंने कहा, “हम आपका जोश कम नहीं करना चाहते और न ही आपके जश्न में कोई खलल डालना चाहते हैं। हम चाहते हैं कि आप पूरी खुशी के साथ त्योहार मनाएं। लेकिन इसके लिए कुछ नियम और सही प्लानिंग जरूरी है।”
जुलूस के रूट में आखिरी वक्त पर बदलाव न करें
कमिश्नर निकम ने बताया कि पुलिस प्रशासन पिछले करीब दो महीनों से गणेश विसर्जन जुलूस की तैयारियों में जुटा हुआ है। इंटेलिजेंस एजेंसियों से मिली जानकारी के आधार पर शहर के अलग-अलग हिस्सों में सुरक्षा इंतजामात की प्लानिंग की गई है।
उन्होंने गणेश मंडलों से कहा कि आखिरी वक्त पर जुलूस के तय रूट में बदलाव न करें और न ही अपनी मर्जी से कोई दूसरा रास्ता अपनाएं। उन्होंने कहा कि ऐसा करने से कानून-व्यवस्था की परेशानी पैदा हो सकती है और पुलिस तथा मंडलों के बीच बेवजह टकराव की नौबत आ सकती है।
निकम ने कहा, “ऐसी सूरत में न आप खुश होंगे और न हम।”
36 घंटे तक चलने वाला विसर्जन जुलूस चिंता की बात
बेलगावी में गणेश विसर्जन जुलूस के 36 घंटे तक चलने पर भी पुलिस कमिश्नर ने चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि पहले गणेश मंडलों में सबसे पहले विसर्जन के लिए जाने की होड़ रहती थी, लेकिन अब एक नया ट्रेंड देखने को मिल रहा है। अब कुछ मंडल सबसे आखिर में विसर्जन करने को लेकर मुकाबला करते नजर आते हैं।
निकम ने कहा कि जुलूस का इस तरह लंबे वक्त तक चलते रहना सिक्योरिटी और कानून-व्यवस्था के लिहाज से चिंता का मामला है।
तेज आवाज वाले डीजे पर भी कमिश्नर की नाराजगी
गणेश जुलूसों में बढ़ते हाई-वॉल्यूम डीजे सिस्टम के इस्तेमाल पर भी निकम ने चिंता जताई।
उन्होंने कहा, “पहले सिर्फ एक-दो स्पीकर हुआ करते थे। अब हालत यह है कि स्पीकरों की पूरी दीवार खड़ी कर दी जाती है। ऐसे तेज शोर के बीच सिर्फ आधे घंटे खड़े होकर देखिए, तब आपको पता चलेगा कि इसका शरीर पर कितना असर होता है।”
उन्होंने साफ किया कि पुलिस डीजे के इस्तेमाल के खिलाफ नहीं है, लेकिन इसे जिम्मेदारी के साथ और तय नियमों के मुताबिक इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, “हम यह नहीं कह रहे कि डीजे मत बजाइए। लेकिन इसका इस्तेमाल ऐसा होना चाहिए जो आपके लिए, हमारे लिए और पूरे समाज के लिए मुनासिब हो।”
कमिश्नर ने मंडलों से अपील की कि तेज आवाज के असर को लेकर बच्चों, बुजुर्गों और अलग-अलग बीमारियों से परेशान लोगों का भी ख्याल रखा जाए।
गणेश प्रतिमा आगमन कार्यक्रम रात 10 बजे से पहले खत्म करें
गणेश प्रतिमा के आगमन समारोह को लेकर भी पुलिस कमिश्नर ने सख्त हिदायत दी।
मुंबई में गणेश प्रतिमा आगमन जुलूस के दौरान हुए एक हादसे का हवाला देते हुए उन्होंने मंडलों से जरूरी एहतियात बरतने और आगमन कार्यक्रम रात 10 बजे से पहले खत्म करने को कहा।
उन्होंने साफ कहा कि गणेश प्रतिमा आगमन जुलूस के दौरान डीजे का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।
वहीं, गणेश विसर्जन के दिन डीजे के इस्तेमाल को लेकर पुलिस प्रशासन की ओर से अलग से फैसला और गाइडलाइन जारी की जाएगी।
प्लाज्मा और लेजर शो को इजाजत नहीं
गणेशोत्सव के दौरान प्लाज्मा और लेजर डिस्प्ले पर पूरी तरह रोक रहेगी।
कमिश्नर निकम ने कहा कि लेजर लाइट के सीधे संपर्क में आने से आंखों को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। लिहाजा ऐसे डिस्प्ले के लिए किसी भी सूरत में इजाजत नहीं दी जाएगी।
‘बेलगावी में अमन तीन राज्यों के लिए अहम’
कमिश्नर निकम ने गणेशोत्सव के दौरान शहर में अमन और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अहमियत पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि बेलगावी की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि यह तीन राज्यों के करीब है। ऐसे में शहर में होने वाली किसी भी अप्रिय घटना का असर बेलगावी से बाहर भी पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि इसी वजह से गणेशोत्सव और विसर्जन जुलूस को पुरअमन तरीके से और पुलिस प्रशासन के साथ पूरा तालमेल रखते हुए आयोजित करना बेहद जरूरी है।
बैठक का मकसद यही रहा कि गणेशोत्सव का जोश और जश्न बरकरार रहे, लेकिन इसके साथ कानून-व्यवस्था, आम लोगों की सुरक्षा और जुलूस में अनुशासन का भी पूरा ख्याल रखा जाए।

