बेंगलुरु: स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान Form-7 के बड़े पैमाने पर दाखिल किए जाने और कथित दुरुपयोग को लेकर मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और उनके कैबिनेट सहयोगियों के प्रदर्शन के कुछ ही घंटों बाद कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) वी. अनबु कुमार ने राज्यभर के चुनाव अधिकारियों को अहम निर्देश जारी किए हैं।

CEO ने अधिकारियों को हिदायत दी है कि Form-6, 6A, 7 और 8 में जानबूझकर गलत जानकारी, झूठा दावा या आपत्ति दाखिल करने वाले आवेदकों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाए।

1 अक्टूबर को जारी यह निर्देश कर्नाटक के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEO), जिलाधिकारियों, बेंगलुरु के चुनाव अधिकारियों और सभी 224 विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ERO) को भेजा गया है।

Form-7 के सामूहिक आवेदन की जांच

CEO के निर्देश में कहा गया है कि ERO के सामने Form-7 के सामूहिक रूप से दाखिल किए जाने के मामले सामने आए हैं। कुछ आवेदनों के वास्तविक होने पर भी सवाल उठाए गए हैं।

निर्देश में कहा गया कि अगर किसी आवेदक ने Form-6, 6A, 7 या 8 में जानबूझकर झूठा बयान या घोषणा दी है, तो उसके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाए।

यह कार्रवाई Representation of the People Act, 1950 की धारा 31 के तहत की जा सकती है। हालांकि, कार्रवाई से पहले Registration of Electors Rules, 1960 के Rule 20 के तहत जरूरी जांच और सुनवाई करना अनिवार्य होगा।

शिवकुमार की शिकायत के बाद निर्देश

Form-7 के कथित सामूहिक दुरुपयोग को लेकर FIR दर्ज करने और तय समय सीमा में जांच कराने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने शिकायत की थी।

इसी मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर मुख्यमंत्री शिवकुमार और उनके कैबिनेट सहयोगियों ने चुनाव कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन भी किया था। इसके कुछ घंटों बाद CEO की ओर से राज्यभर के चुनाव अधिकारियों को यह निर्देश जारी किया गया।