नई दिल्ली: UPI के जरिए किए जाने वाले ₹2,000 से ज्यादा के हर ट्रांजैक्शन पर 0.5 प्रतिशत चार्ज लगाने की तैयारी केंद्र सरकार कर रही है, ऐसा कांग्रेस ने इल्ज़ाम लगाया है।

कांग्रेस ने अपने X अकाउंट पर पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि ₹2,000 तक के UPI ट्रांजैक्शन पर कोई चार्ज नहीं होगा, लेकिन इससे ज्यादा रकम के ट्रांजैक्शन पर 0.5 प्रतिशत शुल्क लगाया जाएगा।

https://x.com/INCIndia/status/2099720591922364758?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E2099720591922364758%7Ctwgr%5E7acfd02095120bb39b314bccdf0e95a2d8e72078%7Ctwcon%5Es1_c10&ref_url=https%3A%2F%2Fwww.etvbharat.com%2Fkn%2Fbharat%2Fcongress-rahul-gandhi-critcise-government-for-imposing-fees-on-upi-transactions-kas26091505222

कांग्रेस के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति ₹5,000 का UPI पेमेंट करता है, तो उस पर ₹25 और ₹10,000 के पेमेंट पर ₹50 का चार्ज लगेगा।

कांग्रेस ने कहा कि अब तक किसी भी रकम के UPI पेमेंट पर कोई चार्ज नहीं लिया जाता था। लेकिन अब शुल्क लगाकर आम लोगों पर आर्थिक बोझ डालने की तैयारी की जा रही है।

कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों का फायदा आम लोगों के बजाय कुछ बड़े उद्योगपतियों को पहुंचाया जा रहा है।

ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा असर: राहुल गांधी

इसी मुद्दे पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी X पर पोस्ट शेयर की। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार चुपचाप UPI पर शुल्क लगाने की तैयारी कर रही है।

राहुल गांधी के मुताबिक, ₹2,000 से ज्यादा के कारोबारी लेन-देन पर Merchant Discount Rate (MDR) लगाया जा सकता है। उन्होंने दावा किया कि ऐसे ट्रांजैक्शन कुल संख्या में भले ही करीब 5 प्रतिशत हों, लेकिन UPI के जरिए होने वाले कुल लेन-देन की रकम में इनकी हिस्सेदारी लगभग 65 प्रतिशत है।

राहुल गांधी ने कहा कि सरकार भले ही ग्राहकों से सीधे कोई शुल्क नहीं लेने की बात कह रही हो, लेकिन दुकानदारों पर लगाए जाने वाले शुल्क का असर आखिरकार ग्राहकों पर ही पड़ सकता है। उनके मुताबिक, दुकानदार इस अतिरिक्त लागत को सामान की कीमतों में शामिल कर सकते हैं, जिसका बोझ आम ग्राहक की जेब पर पड़ेगा।

UPI शुल्क को लेकर अमेरिका के दबाव का आरोप

राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि भारत की Zero-MDR Policy का अमेरिकी पेमेंट कंपनियां लंबे समय से विरोध करती रही हैं और उनके दबाव में केंद्र सरकार UPI पर शुल्क लगाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरह व्यापार समझौते के मामले में अमेरिका के दबाव के आगे सरकार झुकी, उसी तरह UPI शुल्क के मामले में भी दबाव में फैसला लिया जा रहा है।

नोट: ऊपर दिए गए शुल्क और सरकार पर लगाए गए आरोप कांग्रेस और राहुल गांधी के दावों के रूप में प्रस्तुत किए गए हैं।