बेंगलुरु: लोक निर्माण विभाग एवं बेलगावी जिला प्रभारी मंत्री सतीश जारकीहोली ने कहा कि यदि अहिंद नेताओं के बीच मतभेद और बढ़ते हैं, तो इससे कांग्रेस पार्टी को नुकसान होगा। अहिंद नेतृत्व कोई भी संभाल सकता है, यह जरूरी नहीं कि हम ही नेतृत्व करें। उन्होंने कहा कि जनता जिसे स्वीकार करती है, वही अहिंद नेता है।

आज बेंगलुरु में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने यह बात कही। सिद्धारमैया के साथ उनके और परमेश्वर के एकजुट होने तथा अब अलग-अलग होने को लेकर पूछे गए सवाल पर सतीश जारकीहोली ने कहा कि फिलहाल इससे कोई समस्या पैदा नहीं हुई है। सभी नेता आपस में चर्चा करेंगे।

उन्होंने कहा, “अहिंदा का नेतृत्व कोई भी कर सकता है। यह जरूरी नहीं कि हम ही करें। जनता जिसे स्वीकार करती है, वही अहिंदा नेता है।”

सिद्धारमैया और उनके बीच किसी ने साजिश की है या नहीं, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि गुस्सा या आक्रोश व्यक्त करने की कोई जरूरत नहीं है। हमारा काम केवल समाजसेवा करना है। पार्टी और सरकार ने जो जिम्मेदारी दी है, हम उसी के अनुसार काम करेंगे।

सतीश जारकीहोली ने कहा कि अहिंद नेताओं के बीच दरार बढ़ने से कांग्रेस पार्टी को नुकसान होगा। कुछ लोगों का उद्देश्य ही नेताओं को बांटकर अलग करना है। पार्टी के नेताओं को इसे समझना चाहिए और भविष्य में इस तरह की परिस्थितियां पैदा न हों, इसका ध्यान रखना चाहिए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि डी.के. शिवकुमार के साथ संबंधों का अहिंदा से कोई संबंध नहीं है। अलग-अलग समाजों द्वारा अलग-अलग बैठकें आयोजित करने से कोई नुकसान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि हर कार्यक्रम या बैठक में सिद्धारमैया को बुलाना संभव नहीं है।

जातिगत जनगणना के संबंध में सतीश जारकीहोली ने कहा कि जाति जनगणना का सर्वे जल्द से जल्द होना चाहिए, यह हमारी भी मांग है। पूरी रिपोर्ट आने के बाद उसे लागू करना सरकार की जिम्मेदारी है।