बारिश की कमी और बिजली कटौती से परेशान किसानों ने आज बेलगावी के रानी चन्नम्मा सर्कल में सूखी फसलों को हाथ में लेकर अनोखा और उग्र प्रदर्शन किया। किसानों ने सरकार से पूरे राज्य को सूखाग्रस्त घोषित करने और प्रति एकड़ ₹50 हजार मुआवजा देने की मांग की।
बेलगावी शहर के प्रमुख रानी चन्नम्मा सर्कल में राज्य किसान संघ की ओर से बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया गया। बारिश और बिजली की कमी के चलते पूरी तरह सूख चुकी फसलों को हाथ में लेकर सड़क पर उतरे किसानों ने सरकार की लापरवाही के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई।
किसान नेता किशन नंदी ने मांग की कि बेलगावी, विजयपुर और बागलकोट समेत राज्य के सभी 31 जिलों को तुरंत सूखाग्रस्त क्षेत्र घोषित किया जाए। उन्होंने कहा कि संकट में फंसे किसानों को सिर्फ आश्वासन देने के बजाय प्रति एकड़ कम से कम ₹50 हजार की आर्थिक मदद दी जाए। साथ ही केंद्र सरकार से राजनीति को दरकिनार कर किसानों का संपूर्ण कर्ज माफ करने की मांग की।
वहीं किसान नेता चूनप्पा पुजारी ने आरोप लगाया कि सरकारें किसानों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रही हैं। गन्ने समेत कई प्रमुख फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। पीने के पानी के लिए भी परेशानी हो रही है, लेकिन जनप्रतिनिधि आंखें बंद करके बैठे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से तुरंत इस गंभीर समस्या पर ध्यान देकर किसानों की मदद के लिए आगे आने की अपील की।
प्रदर्शनकारियों ने कृषि कार्यों के लिए लगातार 12 घंटे बिजली आपूर्ति करने और लोड शेडिंग की समस्या को तत्काल दूर करने की मांग की। किसानों ने चेतावनी दी कि अगर सरकार और अधिकारी जल्द नहीं जागे, तो आने वाले दिनों में पूरे राज्य में और भी उग्र आंदोलन किया जाएगा। साथ ही 2028 के चुनाव में इसका जवाब देने की चेतावनी भी किसानों ने दी।
इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

