मोदी और अमित शाह से कथित वोट चोरी के आरोपों पर जवाब देने की मांग
बेंगलुरु, 8 अक्टूबर :
जर्मनी में रह रहे मशहूर भारतीय YouTuber, वीडियो क्रिएटर और राजनीतिक विश्लेषक ध्रुव राठी ने वोटर लिस्ट की स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न यानी SIR के खिलाफ बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में आयोजित बड़े विरोध प्रदर्शन और ‘जनता अदालत’ को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने वोटों की कथित चोरी से जुड़े आरोपों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाब देने की मांग की।
ध्रुव राठी ने कहा कि वोट चोरी के दावों के सिलसिले में वह तीन सबूत पेश कर रहे हैं और इनका जवाब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह को देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह उनका पहला Protest है और उनका मकसद किसी सरकार को बदलना नहीं है।
उन्होंने उन आरोपों को भी खारिज किया कि उन्हें किसी राजनीतिक पार्टी या विदेशी व्यक्ति से आर्थिक मदद मिली है। ध्रुव राठी ने कहा कि उन्हें न तो Elon Musk ने पैसे दिए हैं और न ही George Soros ने। उनके मुताबिक यह मुद्दा देश के सभी नागरिकों से जुड़ा है, इसलिए BJP के वोटरों को भी इस मुद्दे पर आवाज़ उठानी चाहिए।
वोटरों के नाम हटाए जाने के मुद्दे पर पश्चिम बंगाल का हवाला देते हुए ध्रुव राठी ने दावा किया कि करीब 70 लाख लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए थे। उनके मुताबिक ये लोग पहले Electoral Roll में शामिल थे, लेकिन चुनाव के दौरान उनके नाम लिस्ट में मौजूद नहीं थे और चुनाव के बाद फिर दिखाई देने लगे।
उन्होंने बिहार का भी हवाला दिया और दावा किया कि वहां करीब 75 लाख लोगों के नाम वोटर लिस्ट से डिलीट किए गए। उनका आरोप था कि इस मामले में Chief Election Commissioner ज्ञानेश कुमार ने तब तक पूरी जानकारी नहीं दी, जब तक सुप्रीम कोर्ट ने इस संबंध में स्पष्टीकरण नहीं मांगा।
ध्रुव राठी ने आगे दावा किया कि करीब 14 लाख नए नाम वोटर लिस्ट में जोड़े गए, लेकिन किन लोगों के नाम हटाए गए और किन लोगों के नाम जोड़े गए, इसकी स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।
गोवा का ज़िक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि वहां भी करीब 100 लोगों के नाम शामिल करने में Assistant Registrar of Electors को मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
उन्होंने आरोप लगाया कि Electoral Rolls के मामले में मनमानी की जा रही है। साथ ही SIR के खिलाफ जिला स्तर पर काम कर रही संगठनों का शुक्रिया अदा करते हुए उन्होंने कहा कि यह किसी राजनीतिक पार्टी की ओर से चलाया जा रहा आंदोलन नहीं है, बल्कि वह एक आम नागरिक के तौर पर इस मुद्दे पर अपनी आवाज़ उठा रहे हैं।
Chief Election Commissioner ज्ञानेश कुमार के समर्थन में सामने आने वाले लोगों पर भी उन्होंने निशाना साधा। प्रदर्शन में मौजूद लोगों को देशभक्त बताते हुए ध्रुव राठी ने कहा कि यहां मौजूद लोगों से बड़ा देशभक्त कोई नहीं हो सकता।
अपनी स्पीच के आखिर में ध्रुव राठी ने “वोट चोर, गद्दी छोड़” और “भारत माता की जय” के नारे लगाए।

