सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके ने एक वीडियो बयान जारी करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी ख़ुद को एक मज़बूत नेता कहते हैं, लेकिन वे इस देश के इतिहास के सबसे बड़े कायर हैं. ‘भारत के लिए यह शर्म की बात है कि उसका प्रधानमंत्री इतना डरपोक और कायर है जो पुलिस और दूसरी सुरक्षा एजेंसियों के पीछे छिपता है.’

 

नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोमवार (19 अक्टूबर) को दिल्ली पुलिस की हिरासत से रिहा होने के एक दिन बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए करीब आठ मिनट का एक बयान जारी किया.

सीजेपी नेता सौरव दास और आशुतोष रांका की हिरासत पर बात करते हुए दिपके ने कहा, ‘नरेंद्र मोदी, बहुत ताकतवर महसूस हो रहा होगा तुम्हें 26 साल के सौरव दास को जेल में रखकर. बहुत ताकतवर महसूस हो रहा होगा रास्ते पर बच्चों को पीटकर. बहुत ताकतवर महसूस हो रहा होगा पूरे दिल्ली में बैरिकेड लगाकर और छात्रों को सड़कों पर घसीटकर.’

ज्ञात हो कि सौरव दास और आशुतोष रांका को 14 अक्टूबर को पांच दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था. इसके बाद सोमवार को उनकी हिरासत दो दिनों के लिए और बढ़ा दी गई. दास और रांका को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की कोशिश के दौरान गिरफ्तार किया गया था. केंद्र सरकार द्वारा जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के तौर पर हटाए जाने के एक दिन बाद दोनों वहां राष्ट्रीय ध्वज फहराने गए थे.

दीपके ने कहा, ‘सौरव और आशुतोष जंतर-मंतर पर तिरंगा लहराने गए थे. उसके लिए उन्हें पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. उसके बाद उनकी सुनवाई नहीं होने दी गई, उसे किसी न किसी बहाने से रोज़ टाल दिया गया.’

उन्होंने आगे कहा, ‘पुलिस के पीछे छिपना, अदालतों के पीछे छिपना, ये है नरेंद्र मोदी की ताकत. दो युवाओं के खिलाफ पूरी सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिनकी उम्र उनके अपने पोते-पोतियों जितनी होती, अगर उनका परिवार होता, अगर उनके बच्चे होते, तब सौरव और आशुतोष उनके पोते-पोतियों की उम्र के होते. सौरव और आशुतोष को जेल में रखकर वे खुद को बहुत ताकतवर महसूस करते हैं.’

 

दिपके ने कहा, ‘आपको लगता है कि आप बहुत शक्तिशाली प्रधानमंत्री हैं. आपको ऐसा महसूस होता है. लेकिन आप सिर्फ एक कायर हैं. मैं आपको बताता हूं कि असली ताकत क्या होती है. पांच दिन जेल में रहने के बाद 27 साल के सौरव दास, जिन्होंने अपनी जिंदगी में कभी यह नहीं सोचा था कि उन्हें जेल जाना पड़ेगा, मुस्कुराता हुआ कोर्ट में आता है, और जब उसे पता चलता है कि उसकी हिरासत बढ़ा दी गई है, वह फिर भी डरता नहीं है, ये होती है ताक़त.’

‘ताक़त यह है कि जिस आशुतोष को पांच दिन से जेल में रखा गया है, कोर्ट आने के बाद कहीं से भी उसके चेहरे पर डर नहीं है. ताक़त यह नहीं की पुलिस के पीछे छिप जाओ, पूरी दिल्ली को ठपकर के. ताक़त वह होती है कि जब आपको पता है कि नतीजे क्या हो सकते हैं, उसके बावजूद आप चुप नहीं बैठते हो. और यह ताक़त आशुतोष रांका और सौरव दास में है.’

दीपके आगे जोड़ते हैं:

‘असली ताकत सौरव दास की मां में है, जिनसे मैंने कल (18 अक्टूबर) बात की थी. मैंने उनसे इसलिए बात की क्योंकि मुझे उनकी चिंता हो रही थी. हालांकि, मेरे पास उन्हें यह बताने का कोई जवाब नहीं था कि सौरव जेल से कब बाहर आएगा. मैंने उनसे कहा, ‘आंटी, आप चिंता मत कीजिए, सौरव ठीक है. उन्होंने कहा, मुझे पता है कि वह ठीक रहेगा. वो इतनी आसानी से नहीं टूटेगा.’

‘जिस मां का 26-27 साल का बेटा जेल में है, वह भी आपसे नहीं डर रही. क्योंकि उसे भी पता है कि उसके बेटे में आपसे ज्यादा हिम्मत है, आपसे ज्यादा ताकत है. वह आपकी तरह कायर नहीं है, जो सरकारी मशीनरी के पीछे छिप रहा है.’

‘असली ताकत आशुतोष के परिवार में है, जो इतना सब कुछ झेलने के बाद भी कहते हैं, ‘नहीं, हमें पता है कि आशुतोष दबाव के आगे नहीं झुकेगा.’

‘यही होती है असली ताकत. आपकी तरह नहीं, जो अमेरिका और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने बिक जाता है. एक बार ट्रंप ने थोड़ा-सा बोल क्या दिया, आपने पूरे भारत के हितों से समझौता कर लिया. और आप खुद को एक मजबूत नेता कहते हैं! आप मजबूत नेता नहीं हैं. आप इस देश के इतिहास के सबसे बड़े, सबसे बड़े कायर हैं.’

‘भारत के लिए यह शर्म की बात है कि उसका प्रधानमंत्री इतना डरपोक और कायर है जो पुलिस और दूसरी सुरक्षा एजेंसियों के पीछे छिपता है, जो पूरे सिस्टम के पिछे छिपता है. और वह पूरे दिन सिर्फ एक ही काम करता है कि कैसे जो बच्चे मेरे (मोदी के) खिलाफ बोल रहे हैं उन्हें जेल में बंद करूं, उन्हें सड़कों पर घसीटूं या कुछ भी करके उन्हें चुप कराऊं.’

‘लेकिन मिस्टर मोदी मैं आपको कह दूं, कि हम्मे से कोई भी आपसे नहीं डरता और कोई भी चुप नहीं बैठने वाला.’

‘मुझे भी आपने दो बार जेल में भेज दिया था, अगर आपको लगता है कि जेल में भेजने से हम बोलना बंद कर देंगे या चुप बैठेंगे, तो ऐसा नहीं होगा.’

‘यह आपकी ग़लतफ़हमी है… आपने बहुतों को ख़रीद लिया होगा, बहुतों को चुप कराया होगा… लेकिन आप इस देश के युवा को चुप नहीं करा सकते. क्यूंकि इन्होंने देखा है कि 12 साल में कैसे इनकी ज़िंदगी ख़राब की गई है. क्या दिया है नौकरी के नाम पर? जब नौकरी की बात हो रही थी तब तुम्हारा दायां हाथ कहता है कि पकौड़े बेचना भी नौकरी ही है. फिर उसने अपने बच्चे को बीसीसीआई में क्यों बैठाया? उससे भी बिकवाता पकौड़े.’

‘और मैं आज ये जो बात कर रहा हूं वो मैं कुछ सोचकर नहीं कर रहा हूं, ऐसे ही बस लाइव कर रहा हूं क्योंकि मुझे तुम्हारी तरह टेलीप्रॉम्प्टर की जरूरत नहीं है.’

‘दोपहर तक मुझे सौरव और आशु की बहुत चिंता हो रही थी, लेकिन जब मैंने दोपहर को उन्हें कोर्ट में मुस्कुराते हुए आते देखा, तब मुझे भी हिम्मत मिली. जिस सौरव को आप डराने की कोशिश कर रहे हो वो पूरे युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा, यह मैं लिख के दे रहा हूं. आप सोच रहे हो कि इसे जेल में रखने से यह मैसेज चला जाएगा कि कोई भी अगर मोदी के ख़िलाफ़ बोलेगा तो यही हाल करूंगा, लेकिन सौरव लोगों को प्रेरित कर रहा है कि पीछे ना हटें और मोदी जैसे डरपोक इंसान से डरे ना.’

‘आप अपनी पूरी पुलिस फोर्स हमारे पीछे लगा दीजिए, अपनी सारी बटालियन हमारे पीछे लगा दीजिए. आपने हमारे और प्रदर्शन कर रहे दूसरे लोगों के साथ यही किया है. कीजिए! आप इसके अलावा और कर भी क्या सकते हैं? आपके पास और कुछ है भी नहीं इसके अलावा. आप सरकारी मशीनरी के पीछे छिपने के अलावा कुछ नहीं कर सकते.’

‘यही करके आपने देश में अपने खिलाफ खड़े विपक्षी दलों को खत्म करने की कोशिश की है. और यही करके आज आप देश के युवाओं को चुप करना चाहते हो, उन्हें डराना चाहते हो, उन्हें तोड़ना चाहते हो. एक फिल्म है, अगर आपने देखी हो तो- ‘मैरी कॉम.’ उसमें एक संवाद है- किसी को इतना मत डराओ कि उसका डर ही तरह खत्म हो जाए.’

‘मैं आपसे बस यही कहना चाहता हूं मिस्टर मोदी कि आपने देश के युवाओं को इतना डरा दिया है कि अब हमारे भीतर डर ही खत्म हो चुका है, इसलिए अब हम डरेंगे ही नहीं.’

Source: The Wire