2014 तक हर साल 1.5 लाख से ज्यादा छात्र CA फाउंडेशन या CPT के लिए रजिस्ट्रेशन करवाते थे, लेकिन उसके बाद से यह आंकड़ा कभी 1.5 लाख के पार नहीं पहुंचा।
हैदराबाद: भारत को एक मजबूत आर्थिक ताकत बनाने के लिए 2047 तक देश में 30 लाख (3 मिलियन) चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (CA) की जरूरत होगी। लेकिन मौजूदा समय में देश में केवल 4.5 लाख रजिस्टर्ड CA हैं। पिछले कुछ वर्षों से हर साल CA की योग्यता हासिल करने वाले उम्मीदवारों की संख्या 8 हजार से भी कम बनी हुई है।
CA बनने वालों की संख्या में कोई खास इजाफा नहीं होना चिंता का विषय है। साल 2014 तक हर साल 1.5 लाख से ज्यादा छात्र फाउंडेशन या CPT (Common Proficiency Test) के लिए रजिस्ट्रेशन करवाते थे। लेकिन इसके बाद यह संख्या कभी भी 1.5 लाख के आंकड़े को पार नहीं कर सकी।
वर्ष 2025-26 में रजिस्ट्रेशन की संख्या बढ़कर अधिकतम 1.41 लाख तक पहुंची। CA की डिग्री हासिल करने के बाद मल्टीनेशनल कंपनियां उम्मीदवारों को आकर्षक सैलरी पैकेज के साथ नौकरी देती हैं। इसके बावजूद तेलंगाना और आंध्र प्रदेश से 10 हजार से भी कम युवा इस कोर्स में दाखिला ले रहे हैं। कर्नाटक में भी यह संख्या काफी कम है। ज्यादातर युवा इंजीनियरिंग और मेडिकल जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
इसके अलावा, CA कोर्स शुरू करने वाले छात्रों में से बहुत कम उम्मीदवार ही फाउंडेशन और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं पास करके फाइनल स्टेज तक पहुंच पाते हैं। फाइनल परीक्षा तक पहुंचने वालों में भी सफल उम्मीदवारों की संख्या कुछ अपवादों को छोड़कर 8 हजार से ज्यादा नहीं होती।
गौरतलब है कि CA बनने की प्रक्रिया में किसी भी सामाजिक वर्ग के लिए आरक्षण नहीं है। इसके अलावा इसमें कोई कन्वीनर या मैनेजमेंट कोटा भी नहीं होता। चार्टर्ड अकाउंटेंट बनने के लिए उम्मीदवार को तीनों चरण सफलतापूर्वक पूरे करने होते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अनुशासन और लगातार मेहनत के जरिए इस मुकाम को हासिल किया जा सकता है।
श्री वेंकटेश्वर फॉर CA अकादमी के निदेशक पेंटेला शिवरामकृष्ण के मुताबिक, CA कोर्स पूरा नहीं कर पाने की प्रमुख वजह नियमित रिवीजन नहीं करना और मॉक टेस्ट नहीं देना है। उन्होंने कहा कि CA का कोर्स केवल असाधारण प्रतिभा वाले छात्रों के लिए नहीं है, बल्कि कोई भी सामान्य छात्र अनुशासन के साथ कड़ी मेहनत करके इसे सफलतापूर्वक पूरा कर सकता है।
लक्ष्य कॉलेज ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष मुरली ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि वह दसवीं कक्षा में फेल हो गए थे और बाद में भी सामान्य अंकों के साथ पास हुए। इंटरमीडिएट और B.Com में भी उनके अंक बहुत अच्छे नहीं थे। इसके बावजूद उन्होंने ग्रेजुएशन के बाद दृढ़ संकल्प के साथ CA कोर्स में दाखिला लिया और साढ़े चार साल में इसे सफलतापूर्वक पूरा कर लिया।
विशेषज्ञों के अनुसार, CA कोर्स में दाखिले के लिए कोई अलग प्रवेश परीक्षा नहीं होती। उम्मीदवारों को केवल रजिस्ट्रेशन करवाकर फाउंडेशन कोर्स की परीक्षा देनी होती है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि दसवीं कक्षा से ही स्कूलों में छात्रों को CA प्रोफेशन के बारे में जागरूक किया जाना चाहिए।
इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) वर्ष 2023 से आठवीं कक्षा से लेकर इंटरमीडिएट स्तर तक के विद्यार्थियों के लिए कॉमर्स ओलंपियाड आयोजित कर रहा है। इसमें हिस्सा लेने वाले विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप भी दी जाती है। इसके बावजूद CA कोर्स में दाखिला लेने वाले छात्रों की संख्या में खास बढ़ोतरी नहीं होना चिंता का विषय बना हुआ है।
हालांकि, CA कोर्स में दाखिला लेने वाली छात्राओं की संख्या में अच्छी बढ़ोतरी देखी जा रही है, जो एक सकारात्मक संकेत है। वहीं, सॉफ्टवेयर सेक्टर में मौजूदा अनिश्चितता के चलते आने वाले दिनों में CA कोर्स की तरफ युवाओं का रुझान बढ़ सकता है, ऐसा विशेषज्ञों का मानना है।
Source: Etv Bharat

