बेलगावी शहर के चारों तरफ बनने वाला अहम रिंग रोड प्रोजेक्ट, ज़मीन अधिग्रहण पूरा होने के बावजूद अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। डिप्टी कमिश्नर मोहम्मद रोशन के मुताबिक करीब 55 एकड़ ज़मीन से जुड़े मामले हाई कोर्ट में लंबित हैं, जिसकी वजह से काम में देरी हो रही है।
ज़िला प्रशासन ने लगभग 1,248 एकड़ ज़मीन अधिग्रहित कर किसानों को मुआवज़ा दे दिया है और ज़मीन नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) को सौंप दी गई है। लेकिन टेंडर और काम शुरू करने में देरी तब और बढ़ गई जब इस प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार की भारतमाला परियोजना से बाहर कर दिया गया।
करीब 1,300 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला 69–70 किलोमीटर लंबा ये रिंग रोड शहर के ट्रैफिक को कम करने में मदद करेगा और गोवा, हैदराबाद और बेंगलुरु से कनेक्टिविटी बेहतर करेगा। साथ ही, ये इंडस्ट्रियल ग्रोथ को भी बढ़ावा देगा, जिससे भारी गाड़ियां शहर में दाखिल हुए बिना गुजर सकेंगी।
अधिग्रहित ज़मीन की हिफाज़त के लिए प्रशासन ने NHAI को निर्देश दिया है कि प्रस्तावित रोड के दोनों तरफ खाइयां (ट्रेंच) खोदी जाएं, ताकि अतिक्रमण और खेती को रोका जा सके। डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि अगर विवाद सुलझ जाते हैं और प्रोजेक्ट अगले फेज़ में शामिल होता है, तो अगले साल काम शुरू हो सकता है।

