बेलगावी की Shreshta IT Technologies Pvt. Ltd. के साइबर सिक्योरिटी और थ्रेट इंटेलिजेंस एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि मशहूर स्ट्रीमिंग ऐप Pikashow एक संगठित कैंपेन का हिस्सा हो सकता है, जिसका मकसद भारतीय यूज़र्स के मोबाइल में मैलवेयर डालना है।
By स्वप्नील पाटनेकर, Shreshta IT Technologies Pvt. Ltd.
आज के दौर में OTT सब्सक्रिप्शन ₹149 से ₹999 महीने तक पहुंच चुका है, ऐसे में फ्री स्ट्रीमिंग ऐप्स का क्रेज बढ़ना स्वाभाविक है। Pikashow जैसे ऐप्स मुफ्त में मूवीज़, वेब सीरीज़ और लाइव टीवी देने का दावा करते हैं। लाखों लोगों को ये सस्ता और आसान विकल्प लगता है, लेकिन हकीकत कुछ और है।
Pikashow क्या है?
Pikashow एक एंड्रॉयड ऐप है जो प्रीमियम OTT कंटेंट को फ्री में दिखाने का दावा करता है। यह Google Play Store पर उपलब्ध नहीं है।
इसे इंस्टॉल करने के लिए यूज़र्स को थर्ड-पार्टी वेबसाइट से डाउनलोड करना पड़ता है, जिसे साइडलोडिंग कहते हैं।
साइडलोडिंग का मतलब है कि आप Google और Apple के सिक्योरिटी सिस्टम को बायपास कर रहे हैं।
यानी—ना कोई वेरिफिकेशन, ना कोई सेफ्टी चेक, और ना ही कोई गारंटी।
सरहद पार से चल रहा संगठित खेल
रिसर्च के मुताबिक, Pikashow सिर्फ पायरेसी ऐप नहीं बल्कि एक बड़े मैलवेयर कैंपेन का हिस्सा है।
316 से ज्यादा डोमेन इस नेटवर्क से जुड़े पाए गए
जनवरी 2026 तक 22 वेबसाइट्स एक्टिव होकर अलग-अलग वर्ज़न यूज़र्स को डाउनलोड करा रही थीं
ऐसे ऐप्स के जरिए आपके फोन में मैलवेयर आ सकता है, जिससे आपका डेटा, बैंक डिटेल्स और प्राइवेसी खतरे में पड़ सकती है।
साइबर क्राइम हो तो तुरंत शिकायत करें
अगर आपको शक है कि आपका फोन हैक हुआ है या आप ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार हुए हैं, तो तुरंत:
📞 कॉल करें: 1930
🌐 वेबसाइट: cybercrime.gov.in
आखिर में…
फ्री कंटेंट असल में कभी फ्री नहीं होता।
मुफ्त मूवीज़ के पीछे बड़ा खतरा छिपा हो सकता है—आपका डेटा, पैसा और प्राइवेसी।
जब कोई ऐप सब कुछ फ्री दे रहा हो, तो एक सवाल ज़रूर पूछें—
असल कीमत कौन चुका रहा है?

