पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi ने देशवासियों से अगले एक साल तक गैर-ज़रूरी विदेश सफर से बचने की अपील की है। ग्लोबल स्तर पर बढ़ती तेल कीमतों और विदेशी मुद्रा भंडार पर बढ़ते दबाव को देखते हुए पीएम मोदी ने ईंधन बचत, वर्क फ्रॉम होम, सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल और विदेश यात्राओं में कटौती जैसे कदम अपनाने की सलाह दी है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कोविड-19 के दौरान अपनाई गई “वर्क फ्रॉम होम” और ऑनलाइन मीटिंग्स की व्यवस्था को फिर प्राथमिकता दी जानी चाहिए, जिससे देश में ईंधन की खपत कम होगी। उन्होंने लोगों से मेट्रो और कार-पूलिंग का ज्यादा इस्तेमाल करने, सोने की खरीद टालने और कम से कम एक साल तक गैर-ज़रूरी विदेश यात्राओं से बचने की अपील की।
पीएम मोदी ने परिवारों से खाने के तेल का इस्तेमाल कम करने की भी सलाह दी और इसे “सेहतमंद और देशभक्ति” से जुड़ा कदम बताया। वहीं किसानों से रासायनिक खाद के इस्तेमाल में 50 फीसदी तक कटौती करने की अपील की गई है।
विदेश यात्रा कम करने की अपील क्यों?
विशेषज्ञों के मुताबिक, छुट्टियों, लग्जरी खरीदारी और विदेश यात्रा पर होने वाले भारी खर्च को कम करने से भारत के विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखने में मदद मिल सकती है। अमेरिका-ईरान तनाव और होर्मुज़ जलडमरूमध्य में सप्लाई चेन पर असर के कारण भारत को ईंधन संकट और महंगाई बढ़ने की आशंका का सामना करना पड़ सकता है। भारत अपनी करीब 88 फीसदी तेल जरूरतें आयात करता है।
आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार फरवरी 2026 में करीब 728 अरब डॉलर रहा भारत का विदेशी मुद्रा भंडार अप्रैल तक घटकर लगभग 691 अरब डॉलर पर आ गया। वहीं IMF का अनुमान है कि 2026 में भारत का चालू खाता घाटा (CAD) बढ़कर 84.5 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।
भारतीय विदेश यात्राओं पर कितना खर्च करते हैं?
वित्त वर्ष 2023-24 में भारतीयों ने अंतरराष्ट्रीय यात्राओं पर लगभग 31.7 अरब डॉलर यानी करीब 2.72 लाख करोड़ रुपये खर्च किए, जो पिछले साल की तुलना में 25 फीसदी ज्यादा है। वर्तमान में भारतीय हर महीने करीब 1.42 अरब डॉलर यानी लगभग 12,500 करोड़ रुपये विदेश यात्राओं पर खर्च कर रहे हैं।
2024 में भारतीयों द्वारा सबसे ज्यादा घूमे गए देशों में थाईलैंड (13%), यूएई (10%) और अमेरिका (6%) शामिल रहे। विदेश यात्रा करने वालों में लगभग 48 फीसदी मिलेनियल्स और जेन-ज़ी वर्ग के लोग हैं।
क्या विदेश यात्रा पर रोक लगाई गई है?
नहीं। सरकार की ओर से यह केवल अपील और सलाह है, कोई प्रतिबंध नहीं। इसका उद्देश्य घरेलू खर्च और देश के भीतर पर्यटन को बढ़ावा देना है।
क्या ट्रैवल इंडस्ट्री पर असर पड़ेगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय यात्रा और टूरिज्म कंपनियों की मांग धीमी पड़ सकती है, जबकि घरेलू पर्यटन उद्योग को फायदा हो सकता है।
देश में घूमने की अपील
प्रधानमंत्री ने लोगों से विदेशों के बजाय भारत के भीतर मौजूद पर्यटन स्थलों को प्राथमिकता देने की अपील की है, ताकि स्थानीय कारोबार और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके। साथ ही विदेशों में होने वाली महंगी डेस्टिनेशन वेडिंग्स पर भी अप्रत्यक्ष तौर पर रोक लगाने का संदेश दिया गया है।
दिलचस्प बात यह है कि नागरिकों से विदेश यात्राएं सीमित करने की अपील के बीच प्रधानमंत्री मोदी खुद यूएई, स्वीडन, नीदरलैंड्स, नॉर्वे और इटली के बहु-देशीय राजनयिक दौरे पर हैं। सरकारी सूत्रों का कहना है कि मौजूदा वैश्विक संकट में भारत की ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक साझेदारियों को मजबूत करने के लिए ये दौरे जरूरी हैं।
Source: Vartha Bharathi (Translated in Hindi)

