बेलगावी: मानसून में देरी के बावजूद लोगों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। 20 जुलाई तक पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। बेलगावी के जिलाधिकारी मोहम्मद रोशन ने बताया कि 20 जून को कर्नाटक और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्रियों के बीच अहम बैठक होने वाली है, जिसमें राज्य के लिए 2 टीएमसी पानी छोड़ने की मांग की जाएगी।
उन्होंने कहा कि कृष्णा नदी पर स्थित हिप्परगी बैराज की भंडारण क्षमता 6 टीएमसी है, लेकिन पिछले साल गेट में आई तकनीकी खराबी के कारण काफी पानी बह गया था। फिलहाल बैराज में केवल 0.08 टीएमसी पानी बचा है। पिछले पांच वर्षों से महाराष्ट्र सरकार की ओर से मिलने वाला 2 टीएमसी पानी भी बंद है, जिसका मुद्दा सरकार के सामने उठाया गया है।
जिलाधिकारी के अनुसार, घटप्रभा नदी के हिडकल जलाशय में 5.5 टीएमसी और मलप्रभा नदी के नवीलुतीर्थ जलाशय में 8 टीएमसी पानी मौजूद है। यह पानी फिलहाल सिर्फ पीने के उपयोग के लिए चरणबद्ध तरीके से छोड़ा जा रहा है। हिडकल, धारवाड़ और बैलहोंगल क्षेत्रों में पानी की कोई बड़ी समस्या नहीं है, लेकिन बेलगावी शहर को पानी देने वाले राकसकोप्प जलाशय का जलस्तर कम हो गया है।
उन्होंने बताया कि राकसकोप्प के पानी का उपयोग केवल पीने के लिए किया जा रहा है और मौजूदा स्थिति में यह 20 जुलाई तक पर्याप्त रहेगा। जरूरत पड़ने पर निजी बोरवेल और टैंकरों के इस्तेमाल के निर्देश नगर निगम आयुक्त को दिए गए हैं।
डीसी रोशन ने कहा कि लगभग 140 साल में एक बार आने वाले “सुपर एल-नीनो” के असर से इस बार मानसून में कुछ देरी हो रही है। इसके बावजूद जिले में हुई सीमित बारिश के आधार पर 35 से 40 प्रतिशत बुवाई का काम पूरा हो चुका है।
उन्होंने बताया कि जिले में फिलहाल 36 हफ्तों के लिए पर्याप्त चारे का भंडार उपलब्ध है। सरकार की पहली प्राथमिकता पीने के पानी की आपूर्ति है, उसके बाद ही सिंचाई के लिए पानी छोड़ा जाएगा। यदि फसलों को नुकसान होता है तो नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा। साथ ही फिलहाल क्लाउड सीडिंग (बादलों की कृत्रिम वर्षा) का कोई प्रस्ताव सरकार के सामने नहीं है।

