बीदर: बीदर ज़िला पुलिस ने शहर के बाहरी इलाके चिक्कापेट रिंग रोड के पास बुधवार (15 जुलाई) को बड़ी कार्रवाई करते हुए 5 देसी पिस्टल, 26 ज़िंदा कारतूस और अन्य हथियार बरामद कर दो युवकों को गिरफ्तार किया है। वहीं हथियार सप्लाई करने वाले महाराष्ट्र के नांदेड़ के दो आरोपियों की तलाश जारी है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमनजीत सिंह रंजीत सिंह (21) और वेंकटेश तुकाराम (21) के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, हथियार नांदेड़ निवासी बलबीर सिंह प्रताप सिंह (23) और नवजोत सिंह इंदर सिंह (24) ने सप्लाई किए थे। चारों के खिलाफ बीदर सब-अर्बन पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है।
ज़िला पुलिस अधीक्षक प्रदीप गुंटी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि बलबीर सिंह और नवजोत सिंह अवैध हथियारों की सप्लाई करने वाले डीलर हैं। महाराष्ट्र पुलिस के सहयोग से दोनों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम बनाई गई है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार दोनों युवकों में से एक के खिलाफ पहले से भी एक आपराधिक मामला दर्ज है। दोनों होटल व्यवसाय से जुड़े बताए जा रहे हैं। फिलहाल जांच की जा रही है कि हथियार किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए खरीदे गए थे या फिर उन्हें आगे बेचने की साजिश थी।
इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 5 देसी पिस्टल, 26 ज़िंदा कारतूस, 10 खाली कारतूस (एमटी केस), 5 तलवारें और वारदात में इस्तेमाल की गई एक मोटरसाइकिल समेत करीब ₹6.73 लाख का सामान जब्त किया है।
एसपी प्रदीप गुंटी ने बताया कि बरामद पिस्टलों की क्षमता 8 राउंड की है। जांच में यह भी सामने आया है कि करीब 10 राउंड फायर किए जा चुके हैं। ये गोलियां कहां और किस मकसद से चलाई गईं, इसका पता जांच के बाद ही चलेगा।
ऑपरेशन डीवाईएसपी एन.डी. सनदी, दूद पीर हुसैनसाब मुल्ला और शरणप्पा के नेतृत्व में गठित टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर अंजाम दिया। टीम में पीएसआई तस्लीमा सुल्ताना, एएसआई नवाज़ और अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।
एसपी ने पुलिस टीम की सराहना करते हुए कहा कि समय रहते कार्रवाई कर संभावित बड़ी आपराधिक घटना को टाल दिया गया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कानून के तहत लाइसेंस के साथ पिस्टल रखना संभव है, लेकिन अवैध तरीके से हथियार खरीदना या रखना गंभीर अपराध है और ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

