बालेकुंद्री बीके: मदरसा छात्रों की तालीमी जरूरतों और बुनियादी सहूलियतों को ध्यान में रखते हुए बालेकुंद्री बीके गांव स्थित मदरसा परिसर में करीब ₹50 लाख की लागत से नए हॉल का निर्माण किया जाएगा। रविवार को पूर्व मंत्री एवं विधायक लक्ष्मी हेब्बालकर ने हॉल के निर्माण कार्य का भूमिपूजन कर शुभारंभ किया।

छात्रों को बेहतर और सुविधाजनक तालीमी माहौल मुहैया कराने के मकसद से बनाए जा रहे इस हॉल का इस्तेमाल मदरसे की विभिन्न तालीमी और सामाजिक गतिविधियों के लिए किया जाएगा। यहां छात्र पढ़ाई, व्याख्यान, बैठकें, सांस्कृतिक कार्यक्रम और अन्य प्रोग्राम आयोजित कर सकेंगे।

इस मौके पर विधायक लक्ष्मी हेब्बालकर ने कहा कि बच्चों को बेहतर तालीम और जरूरी बुनियादी सहूलियतें मुहैया कराना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। किसी भी समुदाय के बच्चे हों, उन्हें बेहतर तालीमी माहौल मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि तालीम के जरिए ही बच्चों के मुस्तकबिल को बेहतर और रोशन बनाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों की तालीमी संस्थाओं और छात्रों की जरूरतों को पूरा करने के लिए बुनियादी ढांचे के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। मदरसा छात्रों को भी बेहतर सहूलियतें मिलें, इसी मकसद से नए हॉल के निर्माण के लिए जरूरी अनुदान उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण तरीके से और तय समय-सीमा में पूरा किया जाएगा।

विधायक ने कहा कि तालीम, बुनियादी सुविधाओं और बच्चों के मुस्तकबिल की तरक्की के लिए सभी को मिलकर काम करना चाहिए। गांवों का समग्र विकास ही उनका प्रमुख मकसद है।

नए हॉल के निर्माण से मदरसा छात्रों के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर गांव के लोगों और समुदाय के विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन में भी सहूलियत होगी। लंबे समय से जरूरी इस बुनियादी सुविधा के अब हकीकत में बदलने पर ग्रामीणों ने खुशी का इजहार किया।

इस मौके पर विधान परिषद सदस्य चन्नराज हट्टिहोली, गांव के बुजुर्ग, कांग्रेस पार्टी के नेता और कार्यकर्ता तथा मदरसा इंतजामिया कमेटी के सदस्य समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।