मंगलुरु: कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने करावली इलाके में होने वाली राज्य मंत्रिमंडल की बैठक को लेकर विपक्ष की चिंताओं पर जवाब देते हुए कहा कि सरकार के लिए सियासत से ज्यादा अवाम की ज़िंदगी अहम है।
मंगलुरु के सर्किट हाउस परिसर में शुक्रवार सुबह मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “हमें सियासत अहम नहीं है, जनता की ज़िंदगी अहम है। हम लोगों की भावनाओं पर सियासत करने वाले नहीं हैं, बल्कि लोगों की ज़िंदगी और उनके मसाइल पर काम करने वाले हैं। इसलिए हमारी कैबिनेट बैठक को लेकर किसी को भी घबराने की जरूरत नहीं है।”
मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने महात्मा गांधी की मंगलुरु यात्रा से जुड़ी ऐतिहासिक जगह का दौरा किया, जहां गांधीजी ठहरे थे। उन्होंने वहां नाश्ता भी किया।
उन्होंने कहा, “सुबह गांधीजी जिस जगह ठहरे थे, वहां गया और नाश्ता किया। वहां मंगलुरु बन्स, डोसा और करावली के दूसरे खास पकवानों का लुत्फ उठाया। बहुत खुशी हुई।”
अपने आगामी कार्यक्रमों के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रभारी मंत्री उन्हें जहां-जहां लेकर जाएंगे, वह वहां का दौरा करेंगे।
“किसी को घबराने की जरूरत नहीं”
करावली इलाके में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित किए जाने को लेकर कुछ लोगों में चिंता होने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी पार्टी से जुड़े लोगों को परेशान होने की जरूरत नहीं है।
उन्होंने कहा, “किसी को भी घबराने की जरूरत नहीं है। हमारे लिए सियासत से ज्यादा जनता की रोज़मर्रा की ज़िंदगी अहम है। लोगों की भावनाओं को भड़काकर सियासत करना हमारी नीति नहीं है। सभी की सोच और कल्याण को ध्यान में रखते हुए हमारी सरकार काम कर रही है।”
मंत्री K.H. Muniyappa का बयान
मंत्री के.एच. मुनियप्पा ने कहा कि करावली इलाके के विकास के लिए स्थानीय नेताओं की ओर से रखी गई मांगों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने पर्यटन विकास, रोज़गार के नए मौक़े पैदा करने और गरीबों को साइट व मकान उपलब्ध कराने की योजनाएं तैयार की हैं।
कदरी श्री मंजुनाथ मंदिर परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, “मंत्री यू.टी. खादर और इस इलाके के नेताओं की ओर से रखी गई बातों को ध्यान में रखते हुए करावली क्षेत्र को विशेष विकास दिया जाएगा। पर्यटन को बढ़ावा देकर रोज़गार के अवसर पैदा करना सरकार का मकसद है।”
उन्होंने कहा कि समाज के गरीब तबके को साइट, मकान और जमीन उपलब्ध कराने से जुड़े कई कार्यक्रम सरकार ने शुरू किए हैं और कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री इस बारे में विस्तार से जानकारी देंगे।
करावली क्षेत्र में बीजेपी के बढ़ते प्रभाव के सवाल पर मुनियप्पा ने कहा, “पहले इस इलाके में कांग्रेस ने हर जगह जीत हासिल की थी। वह दौर फिर वापस आएगा।”
मतभेद के सवाल पर सफाई
मंत्री के.एन. राजन्ना के बयान को लेकर पार्टी में मतभेद की चर्चा पर प्रतिक्रिया देते हुए मुनियप्पा ने कहा कि नेता अपने व्यक्तिगत विचार रखते हैं।
उन्होंने कहा, “हर कोई अपने व्यक्तिगत विचार रखता है। सिद्धारमैया हमेशा कांग्रेस के नेता रहे हैं और मुख्यमंत्री भी उनके मार्गदर्शन में प्रशासन चला रहे हैं।”
करावली पर्यटन विकास पर कैबिनेट में चर्चा
मंत्री रुद्रप्पा लमाणी ने कहा कि करावली और मलनाड इलाके के समग्र विकास तथा पर्यटन को बढ़ावा देने के सिलसिले में कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि मंगलुरु में मेडिकल कॉलेज की स्थापना और सैकड़ों करोड़ रुपये की लागत से पुलों के निर्माण से जुड़ी योजनाओं पर भी कैबिनेट बैठक में चर्चा होगी।
उन्होंने कहा, “मलनाड और करावली का विकास होना चाहिए, ज्यादा अनुदान लाना चाहिए और इस इलाके को एक बड़े पर्यटन केंद्र के तौर पर विकसित करना चाहिए। यह विधायकों की लंबे समय से मांग रही है। जनता के मसाइल पर यहीं चर्चा हो और यहीं फैसले लिए जाएं, इसी मकसद से सरकार लोगों के घर तक पहुंचकर कैबिनेट बैठक कर रही है।”
मंगलुरु के लिए कई योजनाएं
मंत्री ने कहा कि कैबिनेट बैठक में मेडिकल कॉलेज की योजना के अलावा सैकड़ों करोड़ रुपये की लागत से पुलों के निर्माण से जुड़े प्रस्ताव भी शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य और देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग करावली क्षेत्र में आते हैं और उनके लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा, “हम सभी इस सरकार और इस कैबिनेट को पूरा सहयोग दे रहे हैं।”
पार्टी में हाईकमान के फैसले को लेकर उन्होंने कहा कि हाईकमान जो भी फैसला लेगा, सभी को उसका पालन करना होगा।
उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का ज़िक्र करते हुए कहा कि उन्होंने सत्ता छोड़कर दूसरे लोगों को मौका दिया और देश के सामने एक मिसाल कायम की। उन्होंने कहा कि सिद्धारमैया ने मजबूत बुनियाद से आगे बढ़ते हुए अपनी पूरी राजनीतिक ज़िंदगी में देश की सियासत में एक मिसाल पेश की है।

