अक्टूबर के पहले सप्ताह में केंद्र को अंतिम मेमोरेंडम: जी. परमेश्वर

बेंगलुरु, 28 सितंबर: कर्नाटक में सूखे की स्थिति का जायजा लेने के लिए केंद्र सरकार की तीन टीमें राज्य का दौरा करेंगी। उपमुख्यमंत्री और राजस्व मंत्री डॉ. जी. परमेश्वर ने बताया कि मानसून की अवधि 30 सितंबर को समाप्त होने के बाद राज्य सरकार अक्टूबर के पहले सप्ताह में सूखे से हुए नुकसान और राहत की जरूरतों से जुड़ा अंतिम मेमोरेंडम केंद्र को सौंपेगी।

सदाशिवनगर स्थित अपने आवास के पास पत्रकारों से बातचीत में डॉ. परमेश्वर ने कहा कि केंद्र की टीमें सूखा प्रभावित इलाकों का ग्राउंड लेवल पर जायजा लेंगी और अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपेंगी। राज्य सरकार पहले ही केंद्र को एक प्रारंभिक मेमोरेंडम दे चुकी है, जिसके आधार पर केंद्रीय टीमों का दौरा तय किया गया है।

केंद्र सरकार द्वारा गठित अंतर-मंत्रालयी टीम के तीन सब-ग्रुप अलग-अलग सूखा प्रभावित जिलों का दौरा करेंगे। उपलब्ध सरकारी कार्यक्रम के मुताबिक केंद्रीय टीम का कर्नाटक दौरा 3 से 6 अक्टूबर तक प्रस्तावित है। इस दौरान टीम सूखा प्रभावित क्षेत्रों में जाकर स्थिति का निरीक्षण करेगी और जिला प्रशासन तथा स्थानीय अधिकारियों से भी जानकारी लेगी।

सूखा प्रभावित तालुकों का चयन तय मानकों के आधार पर

केंद्रीय टीम के ग्राउंड सर्वे से जुड़े सवाल पर परमेश्वर ने कहा कि केंद्र के अपने guidelines और criteria हैं। राज्य सरकार ने भी सूखा प्रभावित तालुकों की घोषणा इन्हीं तय मानकों के आधार पर की है।

उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों ने निर्धारित criteria पूरा किया, उन्हें सूखा प्रभावित घोषित किया गया है। वहीं, जो क्षेत्र मानकों पर खरे नहीं उतरे, उन्हें सूची में शामिल नहीं किया गया। उनके मुताबिक केंद्रीय टीम के निरीक्षण और राज्य सरकार की रिपोर्ट में बड़ा अंतर आने की संभावना कम है।

अक्टूबर के पहले सप्ताह में अंतिम मेमोरेंडम

परमेश्वर ने बताया कि राज्य में अभी भी ग्राउंड लेवल पर assessment जारी है। 30 सितंबर को मानसून अवधि समाप्त होने के बाद सूखे से हुए नुकसान का comprehensive assessment किया जाएगा और अक्टूबर के पहले सप्ताह में केंद्र को final memorandum सौंपा जाएगा।

राज्य सरकार ने शुरुआती तौर पर 101 सूखा प्रभावित तालुकों के लिए करीब ₹18,000 करोड़ के नुकसान का अनुमान पेश करते हुए केंद्र से राहत की मांग की थी। बाद में सूखा प्रभावित तालुकों की संख्या बढ़कर 177 हो गई है और कुछ अन्य क्षेत्रों में भी assessment जारी है।

सूखा राजनीतिक मुद्दा नहीं, सभी दलों को साथ आना चाहिए

उपमुख्यमंत्री ने सूखा राहत के लिए All Party Delegation की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सूखा किसी एक राजनीतिक दल का मुद्दा नहीं, बल्कि एक प्राकृतिक आपदा है और इसका सीधा असर राज्य की जनता पर पड़ता है।

परमेश्वर ने कहा कि अगर सभी राजनीतिक दल एकजुट होकर केंद्र के सामने कर्नाटक के नुकसान और जरूरतों को रखते हैं, तो राज्य की मांग को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि कुछ विपक्षी नेताओं के प्रस्तावित प्रतिनिधिमंडल में शामिल नहीं होने के बावजूद राज्य सरकार केंद्र के सामने कर्नाटक के हितों को रखने की अपनी जिम्मेदारी निभाएगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि ऐसी स्थिति नहीं आएगी जिसमें राज्य को पिछले साल की तरह फिर अदालत का रुख करना पड़े।

Guarantee Schemes के खर्च को संभाला जाएगा

Guarantee Schemes के आर्थिक बोझ पर परमेश्वर ने कहा कि सरकार को शुरुआत से ही पता था कि इन योजनाओं के लिए बड़े वित्तीय संसाधनों की जरूरत होगी।

उनके अनुसार शुरुआत में इन योजनाओं पर सालाना करीब ₹40,000 से ₹45,000 करोड़ खर्च का अनुमान था, जो बाद में ₹50,000 करोड़ से अधिक हो गया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पिछले तीन वर्षों से इस वित्तीय जिम्मेदारी को पूरा कर रही है और आने वाले दो वर्षों में भी इसे जारी रखने में सक्षम है।

Pension के लिए Income Limit बढ़ाई गई

पेंशन के मुद्दे पर परमेश्वर ने बताया कि आय सीमा ₹32,000 से बढ़ाकर ₹1.20 लाख कर दी गई है। इससे पहले आय सीमा के कारण पेंशन से बाहर हुए कई eligible लोगों को दोबारा योजना का लाभ मिल सकता है।

उन्होंने कहा कि करीब 23 लाख लोगों की पेंशन रद्द की गई थी। नई income limit के बाद पात्र लोगों को फिर से pension दी जाएगी। हालांकि, जरूरी documents उपलब्ध नहीं कराने वाले या निर्धारित age criteria पूरा नहीं करने वाले आवेदकों की जांच की जाएगी।

Land Reforms Act में संशोधन के लिए अभी समय

Land Reforms Act में संशोधन समेत अन्य मुद्दों पर पूछे गए सवाल के जवाब में परमेश्वर ने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में करीब डेढ़ साल बाकी है और इस दौरान संबंधित कदम उठाए जा सकते हैं।

केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी द्वारा मैसूर क्षेत्र में landless लोगों के समर्थन में आंदोलन की बात पर उन्होंने कहा कि उन्हें protest करने से रोकने का कोई सवाल ही नहीं है और वे अपना आंदोलन कर सकते हैं।

दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात संभव

मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के दिल्ली दौरे के बारे में परमेश्वर ने कहा कि मुख्यमंत्री कांग्रेस Working Committee की बैठक में शामिल होने के साथ-साथ पार्टी नेताओं और कुछ केंद्रीय मंत्रियों से भी मुलाकात कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि सूखा राहत और disaster management को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री से मुलाकात की संभावना है। इसके अलावा irrigation और forest से जुड़े मुद्दों पर भी संबंधित केंद्रीय मंत्रियों के सामने कर्नाटक की मांगें रखी जा सकती हैं।

Corporation और Boards में नियुक्तियां जल्द

Corporations और Boards में नियुक्तियों को लेकर परमेश्वर ने कहा कि पार्टी पदाधिकारियों की नियुक्ति और Corporation के Chairman तथा Directors की नियुक्ति अलग-अलग प्रक्रिया है।

उन्होंने बताया कि पार्टी के General Secretary, State In-charge General Secretary, मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री समेत प्रमुख नेताओं के बीच इस संबंध में चर्चा हो चुकी है और नियुक्तियां जल्द होने की उम्मीद है।

Source: Haqeeqat Times