बेंगलुरु, 1 अक्टूबर: कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने SIR को लेकर बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि SIR के नाम पर गरीबों, दलितों और अल्पसंख्यकों के वोटर लिस्ट से नाम हटाने की कोशिश की जा रही है।
डी.के. शिवकुमार ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि देश में SIR की वजह से एक बड़ा बदलाव हो रहा है और सभी लोगों को इस पर नज़र रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों के वोट के हक की हिफाज़त करना मुख्यमंत्री और जनसेवक के तौर पर उनकी जिम्मेदारी है। साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य में एक करोड़ से ज्यादा वोट कम हुए हैं, जो अलग-अलग वजहों से हो सकता है, लेकिन 50 लाख से ज्यादा वोटर्स को नोटिस दिए जाने की प्रक्रिया चल रही है।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि दावे और आपत्तियां दर्ज कराने के आखिरी दिनों में कुछ बीजेपी नेताओं द्वारा केंद्रीय और स्थानीय नेताओं के निर्देश पर गरीबों, अल्पसंख्यकों और दलितों के वोट हटाने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए Form-7 का इस्तेमाल किए जाने का उन्होंने आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के नेताओं ने कुछ विधानसभा क्षेत्रों में कथित तौर पर गलत तरीके से दाखिल किए गए Form-7 से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध कराए हैं। डी.के. शिवकुमार ने इस मामले में क्रिमिनल जांच की जरूरत बताई है।
उन्होंने कहा कि BLA-1, BLA-2 और BLO को आवेदन देकर वोटर के नाम हटाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि अगर उनके पास इस तरह की कोई जानकारी या दस्तावेज हैं, तो उसे तुरंत मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचाएं।
डी.के. शिवकुमार ने कहा कि वह इस मामले को लेकर चुनाव आयोग से मुलाकात करेंगे और कई तथ्यों के साथ इस मुद्दे को सामने रखेंगे। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए जनता की जानकारी और सहयोग बेहद जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने ईश्वर खंड्रे के भालकी विधानसभा क्षेत्र, नयना मोटम्मा, तनवीर सैत, पूर्व विधायक सोमशेखर और राजीव सेठ के क्षेत्रों का भी ज़िक्र किया और आरोप लगाया कि वहां भी वोट हटाने की ऐसी कोशिशें की जा रही हैं।
उन्होंने लोगों से अपील की कि अपने इलाके में पता करें कि कहां-कहां Form-7 दाखिल किए गए हैं और इसकी जानकारी 12 घंटे के अंदर उपलब्ध कराएं।
डी.के. शिवकुमार ने कहा कि वोट देना देश के हर नागरिक का बुनियादी अधिकार है। उनके मुताबिक, SIR की आड़ में इस अधिकार को छीनने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि गरीब, दलित और अल्पसंख्यक मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाने के इरादे से गलत जानकारी के साथ Form-7 दाखिल किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इस तरह गलत जानकारी देकर नागरिकों को वोटर लिस्ट से बाहर करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने BLA से अपील करते हुए कहा कि अगर किसी को ऐसे मामलों की पुख्ता जानकारी है, तो वह जानकारी dkshivakumarlistens@gmail.com पर भेजें।

