त्योहारी सीजन से पहले तेल विपणन कंपनियों ने 1 अक्टूबर से 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 62.50 रुपये और एविएशन टर्बाइन फ्यूल की कीमत में 16 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है. इस बीच, सरकार ने डीजल और एटीएफ के निर्यात पर लगाए जाने वाले विंडफॉल गेन टैक्स में कटौती की है, जबकि पेट्रोल के निर्यात पर यह शुल्क बरकरार रखा गया है.
नई दिल्ली: तेल विपणन कंपनियों ने गुरुवार (1 अक्टूबर) को 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 62.50 रुपये और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) की कीमत में 16 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की.
यह वृद्धि ऐसे समय हुई है जब देश में त्योहारी सीजन शुरू हो रहा है. दिल्ली में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत 62.50 रुपये बढ़कर 2,810 रुपये हो गई है. सितंबर में इसकी कीमत 2,747.50 रुपये थी.
न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर में कमर्शियल एलपीजी की कीमत में प्रति 19 किलोग्राम सिलेंडर 9.50 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी. इससे पहले अगस्त में कीमत में 192 रुपये और जुलाई में 183.50 रुपये की कटौती की गई थी. फरवरी से जून के बीच सिलेंडर की कीमत में कुल 1,373 रुपये की भारी बढ़ोतरी हुई थी और यह 1,740.50 रुपये से बढ़कर 3,113.50 रुपये प्रति सिलेंडर हो गई थी. इसके बाद जुलाई और अगस्त में कीमतों में कमी की गई थी.
ताजा कीमत संशोधन अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क कीमतों और रुपये-डॉलर की विनिमय दर के आधार पर किया गया है. एलपीजी और एटीएफ की कीमतों में हर महीने की पहली तारीख को संशोधन किया जाता है और स्थानीय करों के कारण अलग-अलग राज्यों में इनकी कीमतें अलग हो सकती हैं.
ताजा बढ़ोतरी का असर रेस्तरां, होटल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों जैसे कमर्शियल उपभोक्ताओं पर पड़ेगा, जो 19 किलोग्राम वाले एलपीजी सिलेंडर का इस्तेमाल करते हैं.
घरेलू एलपीजी की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 942 रुपये पर बनी हुई है.
एटीएफ की कीमत बढ़ी
घरेलू एयरलाइनों के लिए एटीएफ की कीमत 121 रुपये से बढ़कर 137 रुपये प्रति लीटर हो गई है. इससे पहले सितंबर में एटीएफ की कीमत में 6.28 रुपये प्रति लीटर यानी 5.46 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई थी. अगस्त में भी इसकी कीमत में 5 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि हुई थी.
एटीएफ एयरलाइनों की परिचालन लागत का 40 प्रतिशत तक हिस्सा होता है.
डीजल और एटीएफ के निर्यात पर विंडफॉल टैक्स में कटौती
इस बीच, सरकार ने डीजल और एटीएफ के निर्यात पर लगाए जाने वाले विंडफॉल गेन टैक्स में कटौती की है, जबकि पेट्रोल के निर्यात पर यह शुल्क बरकरार रखा गया है.
डीजल के निर्यात पर स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी (एसएईडी) तथा रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर सेस को मिलाकर लगाया जाने वाला शुल्क 20 रुपये से घटाकर 16 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है.
एटीएफ के निर्यात पर एसएईडी को 15 रुपये से घटाकर 10.50 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है.
वहीं, 1 अक्टूबर से शुरू होने वाली दो सप्ताह की अवधि के लिए पेट्रोल के निर्यात पर शुल्क 0.50 रुपये प्रति लीटर पर बरकरार रखा गया है. वित्त मंत्रालय ने कहा कि संशोधित दरें 1 अक्टूबर से लागू होंगी.
सरकार ने पश्चिम एशिया में तनाव के बीच 27 मार्च को डीजल और एटीएफ के निर्यात पर यह शुल्क लगाया था. बाद में 16 मई से पेट्रोल के निर्यात को भी इसके दायरे में लाया गया.
मंत्रालय ने कहा कि घरेलू खपत के लिए जारी किए जाने वाले पेट्रोल और डीजल पर मौजूदा शुल्क दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है.
विंडफॉल टैक्स लगाने का उद्देश्य घरेलू स्तर पर पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करना और वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें ऊंची रहने के दौरान इनके निर्यात को हतोत्साहित करना था.
Source: The Wire

