SIR के बाद ‘Absent, Shifted, Dead, Duplicate & Others’ (ASDDO) मतदाताओं की सूची की पुनः जांच और छूटे पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने भारत निर्वाचन आयोग (ECI) की ओर से SIR के बाद मतदाता सूची की दोबारा जांच और पात्र मतदाताओं के नाम फिर से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश का स्वागत किया है। उन्होंने इसे देशभर के मतदाताओं के मतदान के अधिकार की जीत बताया।
विधानसौधा के पास शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में शिवकुमार ने कहा कि गुरुवार को राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के सामने कांग्रेस की ओर से किए गए धरने के बाद केंद्र निर्वाचन आयोग ने यह निर्देश जारी किया है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ कांग्रेस या सरकार की जीत नहीं, बल्कि कर्नाटक और पूरे देश के मतदाताओं की जीत है।
उन्होंने कहा कि SIR के बाद गैरहाजिर, स्थानांतरित, मृत, डुप्लीकेट और अन्य (ASDDO) श्रेणी में शामिल मतदाताओं की सूची की दोबारा जांच की जानी चाहिए और जिन पात्र मतदाताओं के नाम छूट गए हैं, उन्हें फिर से मतदाता सूची में शामिल करने की कार्रवाई होनी चाहिए।
शिवकुमार के मुताबिक, आयोग ने अधिकारियों को सामूहिक रूप से नाम हटाने की शिकायतों पर भी ध्यान देने, Form-7 के दुरुपयोग की जांच करने और पहली बार मतदान करने वाले युवाओं के नाम जोड़ने के लिए विशेष शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने BLO को Form-6 और Form-7 से जुड़ी प्रक्रिया के बारे में भी निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि बूथ स्तर पर ऐसे शिविर लगाए जाने चाहिए, जहां लोग आसानी से आवेदन जमा कर सकें। इसके अलावा रात के आश्रय स्थलों में रहने वाले लोगों, मजदूरों और बेघर लोगों के लिए भी विशेष शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।
कमजोर वर्गों के वोट हटाने का आरोप
शिवकुमार ने आरोप लगाया कि भाजपा की ओर से समाज के कमजोर वर्गों के वोट हटाने के लिए आवेदन दिए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि इसका निशाना दलित और अल्पसंख्यक मतदाता हैं। हालांकि, भाजपा ने इन आरोपों को खारिज किया है।
भाजपा की ओर से निर्वाचन आयोग के कार्यालय के बाहर किए गए प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं ने बड़ी संख्या में Form-7 आवेदन जमा किए जाने की बात स्वीकार की है और उनके खिलाफ जांच होनी चाहिए।
“भाजपा जनता का दिल जीतकर चुनाव लड़ सकती थी”
शिवकुमार ने कहा कि भाजपा को जनता का विश्वास हासिल करके चुनाव लड़ना चाहिए था। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बजाय मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने कहा कि गुरुवार रात निर्वाचन आयोग की ओर से दिए गए निर्देश का वह स्वागत करते हैं। उनके अनुसार, आयोग ने उनकी शिकायतों और मांगों पर गौर करने के बाद हर मामले की गहराई से जांच करने का निर्देश दिया है।
“मतदान का अधिकार बचाना मेरा कर्तव्य”
50 लाख मतदाताओं के नाम हटाने की कथित साजिश के आरोपों पर शिवकुमार ने कहा कि यदि उनके खिलाफ कोई शिकायत है तो संबंधित एजेंसियां जांच कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि हर नागरिक के मतदान के अधिकार और संवैधानिक संस्थाओं की रक्षा करना मुख्यमंत्री के तौर पर उनका कर्तव्य है।
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं के अलावा एक विशेष टीम ने इस मामले में जानकारी जुटाई और ‘Citizens Forum’ तथा अन्य कार्यकर्ताओं ने राज्यभर से डेटा इकट्ठा कर रिपोर्ट दी।
“कानून के मुताबिक गलती हुई है तो केस दर्ज करें”
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन को लेकर भाजपा द्वारा FIR की मांग पर शिवकुमार ने कहा कि यदि उन्होंने या उनके मंत्रियों ने कानून का उल्लंघन किया है तो उनके खिलाफ मामला दर्ज किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि वह और कुछ मंत्री अपनी मांगें निर्वाचन अधिकारियों के सामने रखने के लिए वहां बैठे थे और जब तक उनका काम पूरा नहीं हुआ, तब तक वहीं मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि अगर इसके लिए उनके खिलाफ केस दर्ज किया जाता है तो उन्हें इससे कोई आपत्ति नहीं है।

