नई दिल्ली/हुबली: गन्ना किसानों के हितों की हिफाज़त के लिए केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रल्हाद जोशी ने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार को खत लिखकर राज्य में स्टेट एडवाइजरी प्राइस (SAP), यानी राज्य सलाहकार मूल्य लागू करने की मांग की है।

12 अक्टूबर को दिल्ली में गन्ना किसानों के साथ हुई बैठक में मंत्री प्रल्हाद जोशी ने किसानों की समस्याएं और उनकी शिकायतें सुनी थीं। इसके बाद किसानों की परेशानियों का अध्ययन करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से एक संयुक्त समिति गठित की गई। अब मंत्री ने मुख्यमंत्री को खत लिखकर राज्य सरकार से किसानों की मांगों पर फौरन कार्रवाई करने की अपील की है।

खत में उन्होंने गन्ने की रिकवरी की स्वतंत्र जांच, गन्ने का वजन करने वाली मशीनों की पारदर्शी जांच और मशीनों से कटाई के दौरान होने वाली 8 प्रतिशत कटौती पर दोबारा विचार करने की मांग की है। साथ ही, राज्य में SAP लागू कर किसानों को उनकी फसल का उचित दाम देने पर जोर दिया है।

गन्ना किसानों की समस्याओं के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित

गन्ना किसानों की समस्याओं का अध्ययन कर उचित समाधान सुझाने के लिए केंद्र सरकार ने प्रसिद्ध कृषि अर्थशास्त्री और सार्वजनिक नीति विशेषज्ञ रमेश चंद की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति गठित की है।

ದೆಹಲಿಯಲ್ಲಿ ಇದೇ 12 ರಂದು ಕಬ್ಬು ಬೆಳೆಗಾರರು, ಪ್ರತಿನಿಧಿಗಳ ಜೊತೆ ನಡೆದ ಸುದೀರ್ಘ ಚರ್ಚೆಯ ಬಳಿಕ, ರೈತರು ನೀಡಿದ ಮನವಿಯ ಮೇರೆಗೆ, ರಾಜ್ಯದ ರೈತರು ಎದುರಿಸುತ್ತಿರುವ ಸಮಸ್ಯೆಗಳ ಬಗ್ಗೆ ಮುಖ್ಯಮಂತ್ರಿಗಳಿಗೆ – ಸಕ್ಕರೆ ಇಳುವರಿಯ ಸ್ವತಂತ್ರ ತಪಾಸಣೆ – ತೂಕದ ಯಂತ್ರಗಳ ಪಾರದರ್ಶಕ ಪರಿಶೀಲನೆ – ಯಂತ್ರ ಕೊಯ್ಲಿನ 8% ಕಡಿತದ ಮರುಪರಿಶೀಲನೆ – ರಾಜ್ಯ ಸಲಹಾ ಬೆಲೆ (SAP) ಘೋಷಣೆ ಸೇರಿದಂತೆ ಹಲವು ಮನವಿಗಳ ಕುರಿತಾಗಿ ​ರಾಜ್ಯ ಸರ್ಕಾರ ತಕ್ಷಣವೇ ಸ್ಪಂದಿಸಿ ರೈತರ ಹಿತ ಕಾಪಾಡುವಂತೆ ಬರೆದ ಪತ್ರ.

समिति किन मुद्दों पर करेगी विचार?

यह समिति चीनी उत्पादन की लागत, बाजार से होने वाली आमदनी और चीनी मिलों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए चीनी की एक्स-मिल न्यूनतम बिक्री कीमत में संशोधन की मांग पर विचार करेगी।

इसके अलावा, खेती की लागत और अन्य संबंधित पहलुओं का अध्ययन करके यह भी देखा जाएगा कि गन्ना किसानों की आमदनी कैसे बढ़ाई जा सकती है।

कुल मिलाकर, गन्ना किसानों को उचित भाव दिलाने और उनकी समस्याओं का समाधान करने के लिए अब केंद्र और राज्य सरकार के स्तर पर कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।