केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी की ओर से दिए गए कई आश्वासनों को ध्यान में रखते हुए 26 नवंबर तक का समय दिया गया है और फिलहाल आंदोलन को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया है। यह जानकारी कर्नाटक राज्य रायत संघ के अध्यक्ष चूनप्पा पुजारी ने दी।
धारवाड़ के यरिकोप्पा के पास आंदोलन समाप्त करने के बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि अगर 26 नवंबर तक गन्ना किसानों की मांगें पूरी नहीं हुईं, तो एक करोड़ लोग दोबारा हुब्बली पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि तय समय के भीतर किसानों की मांगें पूरी होनी चाहिए।
चूनप्पा पुजारी ने मांग की कि मुख्यमंत्री अगले दो-तीन दिनों के भीतर सभी चीनी मिल मालिकों के साथ बैठक करें और गन्ने के प्रति टन पर 500 रुपये अतिरिक्त भुगतान करने के संबंध में फैसला लें।
वहीं, शशिकांत गुरूजी ने मांग की कि कर्नाटक के सभी 31 जिलों के किसानों को गन्ने का एक समान भाव दिया जाए और गुरलापुर में तय किए गए भाव को सभी चीनी मिलें लागू करें। उन्होंने प्रति टन 1,000 रुपये का समर्थन मूल्य घोषित करने और चीनी मिलों को 500 रुपये अतिरिक्त भुगतान अनिवार्य रूप से करने की मांग की।
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी और चार विधायकों की अगुवाई में एमएसपी (MSP) दर तय करने को लेकर देर रात तक बैठक चली। इस बैठक में लिए गए फैसले की जानकारी चूनप्पा पुजारी देंगे।
शशिकांत गुरूजी ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर किसानों के लिए समर्थन मूल्य घोषित नहीं किया गया, तो नेताओं का राजनीतिक भविष्य समाप्त हो जाएगा।

