नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। समाजवादी पार्टी (SP) के साथ गठबंधन कर कांग्रेस करीब 125 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी में है। सीट बंटवारे को लेकर बातचीत की जिम्मेदारी पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी को सौंपी गई है। NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस गठबंधन के तहत अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
गठबंधन की बातचीत का रास्ता तैयार करने के लिए प्रियंका गांधी ने सोमवार को उत्तर प्रदेश कांग्रेस के नेताओं के साथ करीब तीन घंटे तक बैठक की। इस दौरान लगभग 175 विधानसभा क्षेत्रों पर चर्चा हुई। इसी सप्ताह एक और बैठक होने की संभावना है, जिसके बाद कांग्रेस 125 से 150 सीटों की सूची समाजवादी पार्टी को सौंप सकती है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस नवंबर तक सीट बंटवारे की प्रक्रिया को अंतिम रूप देना चाहती है।
कांग्रेस की तैयार की गई सूची में लगभग 100 ‘A कैटेगरी’ की सीटें, 40 से 50 ‘B कैटेगरी’ की सीटें और 25 से 35 ‘C कैटेगरी’ की सीटें शामिल हैं।
2022 में कांग्रेस को मिली थीं सिर्फ 2 सीटें
2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने अकेले चुनाव लड़ा था। प्रियंका गांधी ने पार्टी के प्रचार अभियान की कमान संभाली थी, लेकिन इसके बावजूद कांग्रेस को सिर्फ दो सीटों पर जीत मिली थी। अब पार्टी समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन करके राज्य में अपना राजनीतिक आधार बढ़ाना चाहती है।
80 विधानसभा सीटों पर कांग्रेस की नजर
कांग्रेस 2024 के लोकसभा चुनाव और 2017 के विधानसभा चुनाव के नतीजों को ध्यान में रखकर अपनी पसंदीदा सीटों की सूची तैयार कर रही है। पार्टी का लक्ष्य है कि हर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत कम से कम एक विधानसभा सीट पर कांग्रेस का उम्मीदवार चुनाव लड़े।
2024 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन करके मैदान में उतरी कांग्रेस ने 17 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिनमें से 6 सीटों पर जीत हासिल की थी। इसके अलावा कांग्रेस ने 38 विधानसभा क्षेत्रों में बढ़त बनाई थी, जबकि 42 सीटों पर पार्टी दूसरे स्थान पर रही थी। कांग्रेस इन 80 विधानसभा क्षेत्रों को अपनी दावेदारी वाली सीटों में शामिल कर रही है।
कांग्रेस की नजर अजय राय, अजय लल्लू, सुप्रिया श्रीनेत और नदीम जावेद जैसे प्रमुख नेताओं से जुड़े विधानसभा क्षेत्रों पर भी है। इसके अलावा अमेठी, रायबरेली और सहारनपुर लोकसभा क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाली कुछ ऐसी विधानसभा सीटों पर भी कांग्रेस दावा करना चाहती है, जहां फिलहाल समाजवादी पार्टी के विधायक हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस समाजवादी पार्टी से उसकी जीती हुई करीब 12 विधानसभा सीटें भी मांग सकती है।
अमेठी और रायबरेली में कांग्रेस को बड़ा झटका
नेहरू-गांधी परिवार के पारंपरिक गढ़ माने जाने वाले अमेठी और रायबरेली लोकसभा क्षेत्रों में कांग्रेस का विधानसभा चुनावों में प्रदर्शन कमजोर रहा है।
2022 के विधानसभा चुनाव में अमेठी लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली पांच विधानसभा सीटों में कांग्रेस एक भी सीट नहीं जीत पाई थी। इनमें तीन सीटों पर बीजेपी, एक पर समाजवादी पार्टी और एक पर बीजेपी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत दर्ज की थी।
वहीं, रायबरेली लोकसभा क्षेत्र की पांच विधानसभा सीटों में से चार पर समाजवादी पार्टी और एक पर बीजेपी ने जीत हासिल की थी। यहां भी कांग्रेस अपना खाता नहीं खोल पाई थी।
SP कांग्रेस को 60-65 सीटें देने के पक्ष में
गठबंधन की जरूरत को लेकर दोनों पार्टियां सकारात्मक नजर आ रही हैं, लेकिन सीटों के बंटवारे पर अभी मतभेद बने हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, समाजवादी पार्टी कांग्रेस को 60 से 65 से ज्यादा सीटें देने के पक्ष में नहीं है।
SP प्रमुख अखिलेश यादव का मानना है कि सीटों का बंटवारा उम्मीदवारों की जीतने की क्षमता के आधार पर होना चाहिए। समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश की कुल 403 विधानसभा सीटों में से करीब 350 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। पार्टी ने कई सीटों पर उम्मीदवारों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम गठबंधन के तहत पार्टी को कम से कम 150 सीटें देने की मांग कर रहे हैं। ऐसे में दोनों पार्टियों के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर बातचीत अहम मानी जा रही है।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस संगठन में बदलाव
गठबंधन की बातचीत को आसान बनाने और संगठन को मजबूत करने के लिए कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश इकाई में हाल ही में कई बदलाव किए हैं।
पार्टी ने आराधना मिश्रा को उत्तर प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष और सांसद इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है।
तीन बार विधायक रह चुकीं आराधना मिश्रा के अखिलेश यादव के साथ अच्छे संबंध बताए जाते हैं। उन्होंने अजय राय की जगह ली है। वहीं, इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर कांग्रेस राज्य के करीब 18 प्रतिशत मुस्लिम मतदाताओं तक अपनी पहुंच मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच सीटों को लेकर सहमति कब बनती है और आगामी विधानसभा चुनाव में दोनों पार्टियां किस फॉर्मूले के तहत मैदान में उतरती हैं।
Source: Vartha Bharathi (Translated in hindi)

