बेलगावी में गन्ना किसानों के आंदोलन पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और उनके आंदोलन के प्रति संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में मौजूदा संकट का मुख्य कारण केंद्र सरकार द्वारा पिछले आठ वर्षों से चीनी का न्यूनतम बिक्री मूल्य (MSP) नहीं बढ़ाना है। चीनी की कीमत तत्काल बढ़ाने की मांग करते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखने की जानकारी दी।
गन्ना किसानों के आंदोलन पर बोलते हुए सीएम डी.के. शिवकुमार ने कहा कि चीनी की कीमत कम से कम 50 रुपये प्रति किलो करने पर ही किसानों को उचित दाम मिल सकेंगे। साथ ही उन्होंने किसानों से गन्ने की फसल को आग लगाने और तनावपूर्ण कदम उठाने से बचने की अपील की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि चीनी मिलों से किसानों को मिलने वाली पूरी बकाया राशि दिलाने की जिम्मेदारी राज्य सरकार उठाएगी।
वहीं, उत्तराखंड में पर्यटकों के साथ हुए हादसे पर डिप्टी सीएम ने गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वहां फंसे और प्रभावित कन्नड़ लोगों की मदद के लिए सरकार तुरंत सक्रिय हो गई है। 10 अक्टूबर के आसपास केदारनाथ मंदिर बंद होने की संभावना को देखते हुए उन्होंने तीर्थयात्रियों से सतर्क रहने की अपील की। मृतकों के पार्थिव शरीर को राज्य वापस लाने और वहां मौजूद कन्नड़ लोगों की सहायता के लिए केदारनाथ के संतों तथा स्थानीय अधिकारियों से बातचीत कर आवश्यक व्यवस्था की गई है।
दूसरी ओर, राज्य में दूध की कीमतों में बढ़ोतरी के फैसले का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि सूखे के कारण दूध उत्पादन में गिरावट आई है। साथ ही, दूध को पड़ोसी राज्यों में जाने से रोकने के लिए यह फैसला जरूरी था। उन्होंने कहा कि गौवंश की रक्षा और डेयरी क्षेत्र को बनाए रखने के लिए किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होना आवश्यक है। इसलिए किसानों और पशुपालकों के दीर्घकालीन हितों को ध्यान में रखते हुए दूध की कीमतों में संशोधन किया गया है।

