इज़रायल के संसदीय चुनाव के नतीजों में विपक्षी दलों को 120 सदस्यीय नेसेट (इज़रायल की संसद) में से 67 सीटें मिलीं, जबकि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व वाले गठबंधन को 53 सीटें मिलीं.
नई दिल्ली: गुरुवार (29 अक्टूबर) को इज़रायल के संसदीय चुनाव के नतीजें आए. जिसमें विपक्षी दलों को 120 सदस्यीय नेसेट (इज़रायल की संसद) में से 67 सीटें मिलीं, जबकि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व वाले गठबंधन को 53 सीटें मिलीं.
67 सीटें जीत कर विपक्षी दल संसद में बहुमत के आंकड़े से काफी आगे निकल गए हैं. अगर आइजेनकोट की पार्टी की 48 सीटें और जॉइंट लिस्ट की 19 सीटें एक साथ आ जाती हैं, तब विपक्ष सरकार बनाने की स्थिति में पहुंच सकता है. फिलहाल इज़रायल में राजनीतिक समीकरण नेतन्याहू के खिलाफ जाते दिख रहे हैं. गठबंधन में और बदलाव होने की स्थिति में उनकी पार्टी लिकुड की सीटें घटकर 40 के शुरुआती आंकड़े तक पहुंच सकती हैं.
बुधवार को प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने चुनावी नतीजों के लिए ‘अरबों’ को जिम्मेदार ठहराया. राजनीति में इस तरह के बयान को अक्सर इस संकेत के तौर पर देखा जाता है कि संबंधित नेता हार स्वीकार करने के करीब है. हालांकि, इज़रायल और अन्य देशों के कई मीडिया संस्थानों ने चुनाव को लेकर ऐसी खबरें प्रकाशित कीं, जिनमें कहा गया कि किसी भी पक्ष को स्पष्ट जीत नहीं मिली है.

