बेलगावी कैंटोनमेंट इलाके की तीन अहम सड़कों को आर्मी के हवाले करने के प्रस्ताव के खिलाफ लोगों की नाराज़गी बढ़ती जा रही है। बेलगावी कैंटोनमेंट रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन ने इस फैसले के विरोध में 14,136 नागरिकों के दस्तखत वाला ज्ञापन कैंटोनमेंट बोर्ड के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) सुदाम हरि मंचलवार को सौंपा।
ज्ञापन में अल्बर्ट एक्का रोड, स्मार्ट रोड और क्वीन गार्डन रोड को आर्मी को ट्रांसफर करने के प्रस्ताव का विरोध किया गया है। इसके अलावा इंडिपेंडेंस रोड और जिमखाना रोड पर ऊंचे बैरिकेड लगाने के फैसले को भी वापस लेने की मांग की गई है।
ये प्रस्ताव 17 जुलाई को हुई कैंटोनमेंट बोर्ड की बैठक में पास किए गए प्रस्ताव नंबर 26 और 27 का हिस्सा हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर इन प्रस्तावों को लागू किया गया तो नागरिकों, छात्रों, कारोबारियों और रोजाना इन रास्तों से आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
ज्ञापन स्वीकार करते हुए कैंटोनमेंट बोर्ड के CEO सुदाम हरि मंचलवार ने कहा कि 14 हजार से ज्यादा नागरिकों के दस्तखत वाला यह ज्ञापन उन्हें मिल गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आगामी बोर्ड मीटिंग में इस मामले पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं और कानूनी प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए बोर्ड उचित फैसला लेगा।
पूर्व विधायक अनिल बेनके ने प्रस्तावों पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि कैंटोनमेंट की तीन अहम सड़कों को बंद करना और दूसरी सड़कों पर ऊंचे बैरिकेड लगाना यहां के लोगों के साथ नाइंसाफी होगी।
बेनके ने कहा कि अपने अधिकारों की हिफाज़त के लिए नागरिक पहले भी दो बार अदालत का रुख कर चुके हैं। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि 14 हजार से ज्यादा नागरिकों के दस्तखत वाले इस ज्ञापन को गंभीरता से लिया जाए, सड़कों को आम लोगों के लिए खुला रखा जाए और कैंटोनमेंट के रहवासियों को राहत दी जाए।
ज्ञापन सौंपने के मौके पर पूर्व विधायक अनिल बेनके, कैंटोनमेंट रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष फारूक नवाब, सचिव रंजन शेट्टी, डॉ. नितिन खोट, अजय पई, साजिद शेख, कैंटोनमेंट बोर्ड के नामित सदस्य सुधीर तुपेकर, डॉ. सोनाली खोट, डॉ. रहीला शेख, नयना नेर्ली, एडवोकेट सुल्तानपुरे, बार एसोसिएशन के प्रतिनिधि और बड़ी तादाद में कैंटोनमेंट के रहवासी मौजूद रहे।
मामला अब आगामी कैंटोनमेंट बोर्ड मीटिंग में विस्तार से चर्चा के लिए आने की उम्मीद है। बैठक में रहवासियों की आपत्तियों के साथ-साथ सड़कों में प्रस्तावित बदलावों से जुड़े कानूनी पहलुओं पर भी गौर किया जाएगा।


