बेंगलुरु, 29 अक्टूबर: शहर पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी साइबर अपराध की गुत्थी सुलझा ली है। 47 करोड़ रुपये की ऑनलाइन ठगी में शामिल अंतरराष्ट्रीय हैकिंग नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। यह नेटवर्क हॉन्गकॉन्ग, दुबई और भारत तक फैला हुआ था। पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है — बेलगावी का डिजिटल मार्केटर इस्माइल रशीद अत्तार (27) और उदयपुर का प्लंबर संजय पटेल (43)

ये दोनों Whizdm Finance Pvt. Ltd. कंपनी से पैसे चुराने में हैकर्स की मदद कर रहे थे। यह कंपनी लोकप्रिय Moneyview इंस्टेंट लोन ऐप चलाती है।

ढाई घंटे में 1,782 फर्जी लेनदेन

पुलिस कमिश्नर सीमांत कुमार सिंह ने बताया कि 6 और 7 अगस्त की मध्यरात्रि को हैकर्स ने कंपनी के सर्वर में सेंध लगाई। मात्र ढाई घंटे में 1,782 फर्जी ट्रांजेक्शन किए गए। चोरी का पूरा पैसा भारत भर के 656 बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया गया।

बेलगावी के अत्तार की अहम भूमिका

27 साल का इस्माइल रशीद अत्तार सिर्फ 10वीं पास है। वह डिजिटल मार्केटिंग का काम करता था। पुलिस के मुताबिक:

  • अत्तार ने Webyne Data Centre से 5 सर्वर किराए पर लिए
  • इन सर्वरों को उसने दुबई में बैठे भारतीय ऑपरेटिव्स को सब-लेट किया।
  • दुबई वाले हॉन्गकॉन्ग के हैकर्स के साथ मिले और कंपनी का सिस्टम हैक किया।

इन सर्वरों का इस्तेमाल हैकर्स ने अपना विदेशी IP एड्रेस छिपाने और कंपनी के फाइनेंशियल सिस्टम में घुसने के लिए किया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा,

“अत्तार को सर्वर किराए से मामूली कमीशन मिला, लेकिन उसकी भूमिका पूरी साइबर डकैती को अंजाम देने में निर्णायक थी।”

उदयपुर के संजय पटेल को पहले पकड़ा

43 साल के संजय पटेल का SBI खाता इस ठगी में इस्तेमाल हुआ। इसमें 27.39 लाख रुपये आए थे। उसे सितंबर में ही गिरफ्तार कर लिया गया था।

10 करोड़ बरामद, 5.5 करोड़ हैदराबाद की कंपनी से

पुलिस ने अब तक 10 करोड़ रुपये बरामद कर लिए हैं। जांच में पता चला कि 5.5 करोड़ रुपये हैदराबाद की एक कंपनी “Unknown Technologies Pvt. Ltd.” के जरिए रूट किए गए थे। बाकी पैसे की तलाश जारी है।

दुबई और हॉन्गकॉन्ग के मास्टरमाइंड की तलाश

कमिश्नर सिंह ने कहा, “हम दुबई में बैठे मास्टरमाइंड और हॉन्गकॉन्ग के हैकर्स की पहचान करने में जुटे हैं। अंतरराष्ट्रीय सहयोग लिया जा रहा है।”

यह मामला साइबर अपराध की बढ़ती जटिलता और स्थानीय लोगों के शामिल होने का गंभीर उदाहरण है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे संदिग्ध लेनदेन पर नजर रखें और तुरंत रिपोर्ट करें।