भारत में 2027 की जनगणना से पहले डिजिटल प्रणाली का परीक्षण
बेंगलुरु, उत्तर कन्नड़ और चामराजनगर में मोबाइल ऐप आधारित सर्वेक्षण की शुरुआत
बेंगलुरु, 31 अक्टूबर (हक़ीक़त टाइम्स)
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने घोषणा की है कि भारत की जनगणना 2027 के लिए एक डिजिटल प्रणाली के परीक्षण और सूचना प्रबंधन की प्रभावशीलता की जांच के उद्देश्य से प्रारंभिक “प्री-टेस्ट” किया जाएगा। यह ट्रायल 10 नवंबर 2025 से शुरू होकर 20 दिनों तक चलेगा।
यह पहली बार है जब देश में जनगणना के लिए पारंपरिक कागज़ी फॉर्म के बजाय मोबाइल ऐप आधारित डिजिटल प्रणाली का उपयोग किया जाएगा। इसे भारत की पहली पूर्ण डिजिटल जनगणना की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
कर्नाटक राज्य में इस प्रयोगात्मक चरण के लिए बेंगलुरु शहर, उत्तर कन्नड़ जिला (सोप्पा/जोइडा तालुक) और चामराजनगर जिला (गुंडलपेट तालुक) को चुना गया है। इन क्षेत्रों में उत्तर कन्नड़ के 46 गांवों, चामराजनगर के 27 गांवों, और बेंगलुरु नॉर्थ कॉरपोरेशन के जेपी पार्क वार्ड में सर्वेक्षण किया जाएगा।
इस परीक्षण का उद्देश्य शहरी और दूरदराज के ग्रामीण इलाकों में डिजिटल ऐप के उपयोग, गति और प्रभावशीलता का मूल्यांकन करना है, विशेष रूप से उन स्थानों पर जहां मोबाइल नेटवर्क सीमित है।
अधिकारियों के अनुसार, इस अवधि के दौरान एकत्र किए गए सभी आंकड़े केवल सिस्टम के मूल्यांकन और तकनीकी सुधार के लिए उपयोग किए जाएंगे और यह सरकारी जनगणना के आधिकारिक आंकड़ों का हिस्सा नहीं होंगे।
जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए 1 से 7 नवंबर 2025 के बीच नागरिकों के लिए स्वयं गणना (Self Enumeration) की सुविधा प्रदान की गई है। चयनित क्षेत्रों के निवासी अपने घर और परिवार की जानकारी जनगणना एजेंटों के पहुंचने से पहले ऑनलाइन पोर्टल https://rest.census.gov.in/se के माध्यम से जमा कर सकेंगे।
जनगणना से जुड़े कर्मियों — गणनाकर्ता, पर्यवेक्षक और चार्ज अधिकारी — के लिए 4 से 6 नवंबर 2025 तक तीन चरणों में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
यह प्रयोगात्मक चरण, अगले वर्ष अप्रैल 2026 में शुरू होने वाली घर एवं जनसंख्या जनगणना के पहले चरण की तैयारियों का हिस्सा है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह पहल “आजादी का अमृत महोत्सव” के तहत पारदर्शी, प्रभावी और डिजिटल प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उदाहरण है, जिससे भविष्य में जनगणना की प्रक्रिया को अधिक तेज़, सटीक और जनहितैषी बनाया जा सकेगा।







