अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि ईरान के बिजली संयंत्रों और ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाले सभी हवाई हमलों को पांच दिनों के लिए स्थगित कर दिया गया है. इसके पीछे उन्होंने अमेरिका और ईरान के बीच पिछले दो दिनों में हुई ‘सकारात्मक बातचीत’ को ज़िम्मेदार बताया है. हालांकि ईरानी टीवी ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ‘पीछे हट गए’ हैं.
नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार (23 मार्च) को कहा है कि उन्होंने रक्षा विभाग को निर्देश दिया है कि ईरान के बिजली संयंत्रों और ऊर्जा ढांचे पर होने वाले सभी हवाई हमलों को पांच दिनों के लिए स्थगित कर दिया जाए.
ट्रंप ने यह घोषणा अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर की.
पोस्ट में उन्होंने लिखा, ‘मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच पिछले दो दिनों में मध्य पूर्व में हमारे टकराव के पूर्ण समाधान को लेकर बहुत अच्छी और सकारात्मक बातचीत हुई है. इन गहन, विस्तृत और रचनात्मक बातचीत के रुख और माहौल को देखते हुए, जो पूरे सप्ताह जारी रहेंगी, मैंने रक्षा विभाग को निर्देश दिया है कि ईरान के बिजली संयंत्रों और ऊर्जा ढांचे पर किसी भी तरह के सैन्य हमलों को पांच दिनों के लिए टाल दिया जाए. यह फैसला जारी बैठकों और बातचीत की सफलता पर निर्भर करेगा.’
ट्रंप ने शनिवार (21 मार्च) को कहा था कि उन्होंने ईरान को होर्मुज़ जलडमरूमध्य को खोलने के लिए 48 घंटे का समय दिया है.
होर्मुज़ जलडमरूमध्य से दुनिया भर के लगभग पांचवें हिस्से के तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस की आपूर्ति गुजरती है. यह समयसीमा मंगलवार रात 12 बजे (जीएमटी) के आसपास खत्म होनी थी, लेकिन ट्रंप ने सोमवार को इसे पांच दिन के लिए बढ़ाने की घोषणा की.
एपी की एक खबर के मुताबिक, ईरानी सरकारी टीवी ने ट्रंप के इस बयान को अमेरिका के ‘पीछे हटने’ के रूप में देखा है.
ईरानी सरकारी टेलीविजन ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की समयसीमा पांच दिन बढ़ाए जाने पर तेहरान की पहली प्रतिक्रिया सामने रखी.
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरानी सरकारी टीवी ने स्क्रीन पर एक ग्राफिक में कहा, ‘ईरान की कड़ी चेतावनी के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति पीछे हट गए.’
ईरानी अधिकारियों ने सोमवार को चेतावनी दी थी कि यदि ट्रंप होर्मुज़ जलडमरूमध्य को खोलने के लिए जमीनी सेना भेजने की कोशिश करते हैं, तो इसके जवाब में पर्शियन खाड़ी के आसपास के समुद्री क्षेत्र में बारूदी सुरंगें बिछा दी जाएंगी.
Source: The Wire







