बेलगावी: कन्नड़ अनिवार्य आदेश की प्रति फाड़े जाने के आरोप में महाराष्ट्र एकीकरण समिति (MES) के कार्यकर्ताओं को तड़ीपार करने की मांग को लेकर आज कर्नाटक रक्षणा वेदिके (KRV) की ओर से विशाल स्वाभिमानी रैली निकाली गई।

करवे के जिला अध्यक्ष दीपक गुडगनट्टी की कियादत में आयोजित इस एहतिजाजी रैली में बड़ी तादाद में कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने MES के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना गुस्सा जाहिर किया।

रैली जब आरटीओ सर्कल पहुंची तो पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया, जिससे पुलिस और करवे कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस भी हुई। बाद में मौके पर पहुंचे एसी श्रवणकुमार नायक ने संगठन की तरफ से सौंपा गया ज्ञापन स्वीकार किया।

इस मौके पर करवे (टी.ए. नारायणगौड़ा गुट) के जिला अध्यक्ष दीपक गुडगनट्टी ने कहा कि राज्य सरकार के कन्नड़ अनिवार्य आदेश की प्रति को MES कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय के सामने पुलिस की मौजूदगी में फाड़कर कन्नड़िगाओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि MES और शिवसेना बेलगावी की भाषाई सद्भावना और सौहार्द को बिगाड़ने का काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इन संगठनों पर प्रतिबंध लगाने की मांग कई बार की गई है, लेकिन सरकार ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। अगर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है, जिसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन और सरकार की होगी।

दीपक गुडगनट्टी ने जनप्रतिनिधियों पर वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई कर उन्हें तड़ीपार किया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि कन्नड़ अनिवार्य आदेश की प्रति फाड़ने वालों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो उन्हें “मुनासिब सबक” सिखाया जाएगा।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि करवे किसी भी भाषा के खिलाफ नहीं है, लेकिन कन्नड़ और कर्नाटक का विरोध करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने सभी समुदायों से बेलगावी के विकास के लिए मिलकर काम करने की अपील की।

रैली में करवे के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे।