बेलगावी: सीमावर्ती बेलगावी में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) के दौरान भाषा का विवाद एक बार फिर गरमा गया है। कन्नड़ भाषा में दिए जा रहे फॉर्म का विरोध करते हुए महाराष्ट्र एकीकरण समिति (MES) के नेताओं ने चुनावी कर्मचारियों को वापस भेज दिया।

चुनाव आयोग की ओर से बेलगावी सहित सीमावर्ती इलाकों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया जारी है। इसी क्रम में चुनावी कर्मचारी बेलगावी के बांदूर गली इलाके में घर-घर जाकर फॉर्म वितरित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने महाराष्ट्र एकीकरण समिति (MES) के पूर्व नगरसेवक सुनील बालेकुंद्री को कन्नड़ भाषा का फॉर्म दिया।

इस पर सुनील बालेकुंद्री ने कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि उन्हें कन्नड़ भाषा नहीं आती। उन्होंने कहा कि भाषा अल्पसंख्यक नियमों के तहत उन्हें मराठी भाषा में ही फॉर्म उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

जब चुनावी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि फिलहाल केवल कन्नड़ भाषा के फॉर्म ही उपलब्ध हैं, तो MES नेताओं ने उन्हें स्वीकार करने से इनकार कर दिया और चुनावी कर्मचारियों को फॉर्म समेत वापस लौटा दिया।

MES नेताओं का कहना है कि पिछले चुनावों में मराठी भाषा के फॉर्म उपलब्ध कराए गए थे। उन्होंने मांग की कि मराठी भाषा के फॉर्म उपलब्ध होने तक इस प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ने दिया जाएगा। साथ ही सीमावर्ती क्षेत्र के सभी मराठी भाषी नागरिकों से अपील की गई है कि वे कन्नड़ भाषा के फॉर्म स्वीकार न करें।