बेलगावी: श्रीराम सेना ने कर्नाटक सरकार से मांग की है कि स्वतंत्रता वीर विनायक सावरकर की तस्वीर हिंडलगा जेल में दोबारा स्थापित की जाए। श्रीराम सेना के संस्थापक और अध्यक्ष प्रमोद मुतालिक ने बुधवार को बेलगावी के पर्यटक विश्राम गृह में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह मांग उठाई।

उन्होंने कहा कि 13 जुलाई, जिस दिन सावरकर की रिहाई का ऐतिहासिक दिन माना जाता है, उसी दिन हिंडलगा जेल के सामने सावरकर की तस्वीर रखकर सरकार को ज्ञापन सौंपा जाएगा।

मुतालिक ने कहा कि हिंडलगा जेल में सावरकर की तस्वीर के साथ एक स्मारक नामपट्ट भी लगाया जाए, उनकी जयंती सरकारी स्तर पर मनाई जाए, एयरपोर्ट पर उनके नाम का बोर्ड लगाया जाए और स्कूलों के पाठ्यक्रम में सावरकर के जीवन व योगदान को शामिल किया जाए।

उन्होंने कहा कि अंडमान-निकोबार जेल ले जाते समय सावरकर का समुद्र में छलांग लगाना भारतीय इतिहास की एक अहम घटना है। उनका दावा है कि वर्ष 1915 में तत्कालीन ब्रिटिश हुकूमत ने सावरकर को करीब तीन महीने तक हिंडलगा जेल में भी रखा था।

प्रमोद मुतालिक ने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने कभी क्रांतिकारियों को उचित सम्मान नहीं दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरदार वल्लभभाई पटेल, विनायक सावरकर और अन्य राष्ट्रभक्तों को उचित स्थान नहीं मिला। साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने डॉ. भीमराव अंबेडकर को चुनाव में हराने की कोशिश की और उनके निधन के बाद दिल्ली में अंतिम संस्कार के लिए भी उचित जगह नहीं दी। अब वही कांग्रेस अंबेडकर के नाम पर राजनीति कर रही है।

इस मौके पर वेंकटेश शिंदे, विनय अंब्रोली, बालू पवार, डॉ. सोनाली सरनोबत समेत श्रीराम सेना के कई पदाधिकारी मौजूद रहे।