बेलगावी शहर और ज़िले में मौजूद क्लबों और मनोरंजन केंद्रों में चल रही गैरकानूनी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए पुलिस विभाग ने संयुक्त अभियान शुरू किया है। शहर के पुलिस कमिश्नर भूषण बोरसे और ज़िला पुलिस अधीक्षक के. रामराजन ने कानून का उल्लंघन करने वाले क्लबों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की संयुक्त चेतावनी दी है।
हाल ही में शहर में हुई कुछ घटनाओं के मद्देनज़र बेलगावी शहर पुलिस ने क्लबों, जिमखानों और अन्य मनोरंजन केंद्रों की गतिविधियों पर विशेष निगरानी शुरू कर दी है। पुलिस कमिश्नर भूषण बोरसे ने सभी थाना प्रभारियों (PI) को निर्देश दिया है कि शहर के सभी क्लबों की व्यापक जांच कर 10 दिनों के भीतर रिपोर्ट पेश की जाए।
हाईकोर्ट के निर्देशों के मुताबिक क्लबों में सीसीटीवी कैमरे लगाना, कम से कम 15 दिनों तक फुटेज सुरक्षित रखना, सिर्फ सदस्यों को ही प्रवेश देना और पैसों की बाज़ी व हर तरह के जुए पर पूरी तरह पाबंदी जैसी शर्तों को लिखित रूप में क्लब प्रबंधन को सौंपा जा रहा है।
कमिश्नर ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले क्लबों के लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस विशेष अभियान का मकसद सिर्फ गैरकानूनी गतिविधियों पर रोक लगाना है और कानूनी तरीके से चलने वाले क्लबों को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।
वहीं ज़िला पुलिस अधीक्षक के. रामराजन ने कहा कि ज़िले में किसी भी कीमत पर गैरकानूनी जुआ या गैंबलिंग क्लब चलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
उन्होंने कहा, “हमारे क्षेत्र में वास्तविक सोशल क्लबों को पूरी आज़ादी है। टेनिस, बैडमिंटन या अन्य मनोरंजक खेलों वाले अधिकृत क्लबों पर कोई रोक नहीं है। लेकिन अगर क्लबों के नाम पर चार टेबल लगाकर बुकी बैठाकर सूदखोरी और गैरकानूनी जुए का धंधा चलाया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
एसपी ने बताया कि इंटेलिजेंस इनपुट के अनुसार फिलहाल बेलगावी ज़िले में कोई भी गैरकानूनी जुए का क्लब संचालित नहीं हो रहा है। हालांकि, अगर आम लोग ऐसी किसी गैरकानूनी गतिविधि की जानकारी देते हैं तो वह खुद छापेमारी करेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में यदि किसी पुलिस अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

