बेलगावी: बेलगावी शहर के केंद्रीय बस स्टैंड पर दूसरे जिलों से ड्यूटी के लिए आने वाले बस ड्राइवरों और कंडक्टरों को बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। परिवहन विभाग के अधिकारियों की लापरवाही पर कर्मचारियों ने गहरी नाराज़गी जताई है।
यादगीर, मैसूर, कलबुर्गी, बल्लारी, बसवकल्याण समेत 20 से अधिक जिलों से बेलगावी आने वाले ड्राइवरों और कंडक्टरों का कहना है कि उनके लिए आराम करने के लिए रेस्ट रूम, शौचालय और अन्य आवश्यक सुविधाओं की कोई व्यवस्था नहीं है। इसके चलते उन्हें रोज़ाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
कर्मचारियों का आरोप है कि करीब डेढ़ साल पहले इस संबंध में अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। बेलगावी आने वाले परिवहन कर्मचारियों के लिए विश्राम कक्ष की मांग आज तक पूरी नहीं हुई है।
फिलहाल हालात ऐसे हैं कि कर्मचारियों को बसों के अंदर ही रात बितानी पड़ रही है। मच्छरों का प्रकोप, गर्मी और बारिश के बीच आराम करना पड़ता है, जिससे उन्हें पर्याप्त नींद नहीं मिल पाती। इसके बावजूद अगली ड्यूटी पर हाज़िर होना पड़ता है।
कर्मचारियों ने सवाल उठाया, “अगर पूरी रात बस चलाने के बाद सही तरीके से आराम नहीं मिलेगा तो सड़क हादसों का खतरा बढ़ जाएगा। ऐसे में यात्रियों की जान को कोई नुकसान हुआ तो उसकी ज़िम्मेदारी कौन लेगा?”
उन्होंने यह भी कहा कि परिवहन निगम के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों बेलगावी जिले से होने के बावजूद यहां के कर्मचारियों को न्यूनतम सुविधाएं उपलब्ध कराने में नाकाम रहे हैं।
परिवहन कर्मचारियों ने मांग की है कि ड्राइवरों और कंडक्टरों के लिए तुरंत विश्राम कक्ष, शौचालय और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि उन्हें सुरक्षित, सम्मानजनक और मानवीय कार्य वातावरण मिल सके।

