काम पूरा कर सड़कें ठीक नहीं कीं तो अगली फंडिंग रुकेगी, नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई: मंत्री यतींद्र सिद्धारमैया
बेलगावी के सुवर्ण विधान सौध में शहरी विकास मंत्री डॉ. यतींद्र सिद्धारमैया की अध्यक्षता में महानगरपालिका और BUDA (बेलगावी अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी) की प्रगति समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में मंत्री ने L&T कंपनी द्वारा बेलगावी, धारवाड़ और कलबुर्गी में विकास कार्यों में हो रही देरी और सड़कें खोदकर समय पर पुनर्स्थापित न करने पर कड़ी नाराज़गी जताई। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि विकास कार्य पूरा होने के बाद सड़कें दुरुस्त नहीं की गईं, तो अगली किस्त का भुगतान (फंड रिलीज़) रोक दिया जाए। साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वाले ठेकेदारों पर राशि में कटौती कर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
दक्षिण क्षेत्र के विधायक अभय पाटिल ने मंत्री का ध्यान इस ओर दिलाया कि ग्रामीण भारत विकास योजना के तहत लगभग 90 प्रतिशत तक पहुँचे कई कार्य बीच में ही रुक गए हैं, जिससे सरकारी धन और जनता के पैसे की बर्बादी हो रही है। इस पर मंत्री ने कहा कि सिर्फ कागज़ों में काम पूरा दिखाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि ज़मीन पर भी काम पूरी तरह समाप्त होना चाहिए। उन्होंने अधूरे कार्यों की समीक्षा कर आवश्यक अतिरिक्त अनुदान का प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए।
बैठक में रामतीर्थ नगर BUDA लेआउट को महानगरपालिका को हस्तांतरित करने और वहाँ लंबित विकास कार्यों पर भी चर्चा हुई। विधायक अभय पाटिल और उपमहापौर हनुमंत कोंगाली ने यह मुद्दा उठाया। अधिकारियों ने बताया कि मूलभूत सुविधाओं के विकास की प्रक्रिया जारी है। इस पर मंत्री ने जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों की संयुक्त टीम को स्थल निरीक्षण कर अगली बैठक में विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
इसके अलावा ₹100 के बॉन्ड पेपर पर विकसित लेआउट्स को सरकारी सड़क संपर्क नहीं मिलने की तकनीकी समस्या पर भी चर्चा हुई। प्रस्ताव रखा गया कि यदि सड़क निजी भूमि से होकर गुजरती है, तो सरकार ज़मीन का अधिग्रहण कर उसे सार्वजनिक सड़क घोषित करे और संबंधित भूमि मालिकों को उचित मुआवज़ा दिया जाए।
बैठक में महापौर प्रीति कामकर, उत्तर क्षेत्र के विधायक आसिफ सेठ, BUDA अध्यक्ष लक्ष्मणराव चिंगळे, महानगरपालिका आयुक्त कार्तिक एम. तथा BUDA के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

