कर्नाटक में स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न (SIR) के तहत वोटर लिस्ट की जांच और डिजिटाइजेशन का काम तेज़ी से जारी है। चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर (CEO), कर्नाटक की ओर से जारी दैनिक रिपोर्ट के मुताबिक 28 जुलाई 2026 शाम 6 बजे तक 4,23,21,853 एन्यूमरेशन फॉर्म (Enumeration Forms) की डिजिटाइजेशन पूरी हो चुकी है, जो कुल फॉर्मों का 76.35 प्रतिशत है।
रिपोर्ट के अनुसार राज्य की वोटर लिस्ट में 5,54,32,314 मतदाता दर्ज हैं। विशेष पुनरीक्षण अभियान के दौरान ऐसे मतदाताओं की पहचान की गई है, जिनके नाम जांच और नियमानुसार सत्यापन के बाद वोटर लिस्ट से हटाए जा सकते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार संभावित श्रेणियां इस प्रकार हैं:
- स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर शिफ्ट हुए मतदाता: 48,59,003 (8.77%)
- पता नहीं चलने वाले या अनुपस्थित मतदाता: 10,82,554 (1.95%)
- मृतक मतदाता: 14,67,381 (2.65%)
- पहले से पंजीकृत (डुप्लीकेट) मतदाता: 5,38,020 (0.97%)
- अन्य श्रेणियां: 27,820 (0.05%)
इन सभी श्रेणियों को मिलाकर करीब 1,16,44,778 वोटरों के नाम हटाए जाने की संभावना जताई गई है। हालांकि, चुनाव अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी मतदाता का नाम हटाने से पहले सभी निर्धारित नियमों के तहत पूरी जांच और आवश्यक प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
रिपोर्ट में बताया गया है कि घर-घर सर्वे का चरण 30 जून 2026 से 8 अगस्त 2026 तक चलेगा। इसी अवधि में डिजिटाइजेशन का कार्य भी पूरा करने की योजना है।
राज्यभर में अब तक 6,57,897 (1.19%) वोटरों ने अपने फॉर्म ऑनलाइन जमा किए हैं।
चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर के कार्यालय ने जिला-वार डिजिटाइजेशन की विस्तृत रिपोर्ट भी जारी की है, जिसमें प्रत्येक जिले में फॉर्मों की प्रगति, डिजिटल एंट्री और अन्य श्रेणियों की जानकारी शामिल है।
चुनाव अधिकारियों ने दोहराया कि स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न (SIR) का उद्देश्य वोटर लिस्ट को अधिक सटीक, पारदर्शी और अपडेट रखना है, ताकि पात्र मतदाताओं के नाम सुरक्षित रहें और अपात्र या गलत प्रविष्टियों को नियमों के अनुसार हटाया जा सके।
Source: Haqeeqat Times

