रोज़गार के मौक़े पैदा करने में केंद्र सरकार की कथित नाकामी के खिलाफ कर्नाटक प्रदेश यूथ कांग्रेस ने 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सालगिरह के मौके पर ‘विश्व बेरोजगारी दिवस’ मनाने का फैसला किया है।
यूथ कांग्रेस के मुताबिक, कर्नाटक भर में जिला, विधानसभा और ब्लॉक स्तर पर मुख्तलिफ़ प्रोग्राम आयोजित किए जाएंगे। इन प्रोग्रामों की क़यादत कर्नाटक प्रदेश यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष एच. एस. मंजुनाथ करेंगे।
यूथ कांग्रेस ने अपने बयान में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की क़यादत वाली केंद्र सरकार ने हर साल 2 करोड़ रोज़गार देने का वादा करके सत्ता संभाली थी, लेकिन नौजवानों को रोज़गार देने के मामले में सरकार अपनी ज़िम्मेदारी पूरी करने में कथित तौर पर नाकाम रही है।
बयान में नीति आयोग की रिपोर्ट ‘विकसित भारत 2047 के लिए कौशल का पुनर्गठन’ का हवाला देते हुए दावा किया गया है कि 15 से 29 साल की उम्र के करीब 8.7 करोड़ नौजवान न तालीम से जुड़े हैं, न रोज़गार से और न ही किसी ट्रेनिंग प्रोग्राम में शामिल हैं।
यूथ कांग्रेस ने आरटीआई से हासिल जानकारी का हवाला देते हुए दावा किया कि केंद्र सरकार के मुख्तलिफ़ महकमों में मंज़ूरशुदा 8,23,656 सरकारी ओहदे खाली हैं।
बयान के मुताबिक, सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे नौजवानों को भर्ती प्रक्रिया में देरी, इम्तिहानों में कथित बे-कायदगियों और सवालिया पर्चों के लीक होने जैसे मसाइल का सामना भी करना पड़ रहा है।
यूथ कांग्रेस का कहना है कि केंद्र सरकार की इन कथित नाकामियों पर सवाल उठाने और नौजवानों के लिए रोज़गार के ज़्यादा मौक़े पैदा करने का मुतालबा करते हुए यह एहतेजाज किया जा रहा है। कर्नाटक भर में होने वाले इन प्रोग्रामों में यूथ कांग्रेस के ओहदेदार और कारकुन हिस्सा लेंगे।

