बेलगावी में कन्नड़परक संगठनों के लगातार संघर्ष को बड़ी कामयाबी मिली है। बेलगावी महानगर पालिका में महाजन आयोग की रिपोर्ट को ही अंतिम मानने वाला कर्नाटक समर्थक प्रस्ताव आधिकारिक तौर पर मंजूर कर लिया गया है। इस फैसले से सीमावर्ती इलाके के कन्नड़ समर्थकों में खुशी की लहर है।

हालांकि, पालिका के मेयर और डिप्टी मेयर के सरकार के खिलाफ रवैये की निंदा करते हुए कन्नड़ क्रियाशील समिति के अध्यक्ष अशोक चंदरगी ने उन्हें फौरन पद से हटाने की मांग की है।

चंदरगी के मुताबिक, बेलगावी की 25 से ज्यादा समान विचारधारा वाली कन्नड़ संगठनों के करीब छह महीने के लगातार संघर्ष के बाद 30 सितंबर को महानगर पालिका में महाजन आयोग की रिपोर्ट को अंतिम मानने वाला कर्नाटक समर्थक प्रस्ताव मंजूर किया गया।

बताया गया कि साल 2005 में महाराष्ट्र एकीकरण समिति (MES) की ओर से बेलगावी को महाराष्ट्र में शामिल करने की मांग को लेकर पालिका में पारित किए गए विवादित प्रस्ताव का जवाब देने के लिए यह कन्नड़परक प्रस्ताव जरूरी था। कन्नड़ संगठनों के दबाव के बाद राज्य सरकार की ओर से जारी आदेशों के मद्देनजर यह अहम फैसला लिया गया है, ऐसा अशोक चंदरगी ने कहा।

वहीं, पालिका की बैठक में मेयर और डिप्टी मेयर द्वारा अपनी हद से आगे बढ़कर व्यवहार करने और नामित सदस्यों के साथ बहस करने की भी उन्होंने निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से पर्यवेक्षक (Observer) नियुक्त किए जाने के खिलाफ आवाज उठाकर मेयर और डिप्टी मेयर ने सरकार के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया है।

अशोक चंदरगी ने चेतावनी दी कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले और अगले 15 दिनों के भीतर मेयर व डिप्टी मेयर को बदला जाए। ऐसा नहीं होने पर महानगर पालिका को सुपरसीड करने की मांग को लेकर उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा।